Saturday, December 3, 2016

अटल मंथन
विसंगतियों में भी,संगति बैठाना है
घर के साथ कारोबार,भी चलाना है !
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'जियो' और जीने दो,का नारा अब हमारा
सरकार को भी लगेगा,यही सबसे प्यारा !
करोड़ों लोगों का जहां,ये बन रहा सहारा
अन्य कम्पनियों का कहीं,निकल न जाए दीवाला !
सत्ता से जुड़े हाथ,जनता कर रही स्वीकार
उपलब्ध नोटों से करना,शुरू पुनः व्यापार !
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डॉ श्याम अटल 

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