अटल मंथन
रोज बदलते नियम,बने जी का जंजाल
नोट बन्दी से जनजीवन,अब भी बेहाल !
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विदेशी बैंकों की खैर नहीं,जुर्माना लगाते देर नहीं
आर बी आई सुर्ख़ियों में,मकसद देश की भलाई !
बैंकों की हेराफेरी के,प्रकरण बेशक जारी हैं
नोटों की किल्लत बाजार में,अब भी भारी है !
नई रियायतों का,सरगर्मी से इन्तजार है
नए वर्ष में कष्टों से,निजात अब सरकार दे !
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डॉ श्याम अटल
रोज बदलते नियम,बने जी का जंजाल
नोट बन्दी से जनजीवन,अब भी बेहाल !
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विदेशी बैंकों की खैर नहीं,जुर्माना लगाते देर नहीं
आर बी आई सुर्ख़ियों में,मकसद देश की भलाई !
बैंकों की हेराफेरी के,प्रकरण बेशक जारी हैं
नोटों की किल्लत बाजार में,अब भी भारी है !
नई रियायतों का,सरगर्मी से इन्तजार है
नए वर्ष में कष्टों से,निजात अब सरकार दे !
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डॉ श्याम अटल
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