Wednesday, December 14, 2016

अटल मंथन
त्यागी बनना,नहीं आसान
बन जाएं तो,काहे परेशान !
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भूतपूर्व होते ही,दुर्गति भारी
गिरफ्तार करने की,रहती तैयारी !
भ्रष्टाचार पद पर,प्रकट न हो पाता
पद छूटते ही,मुसीबतें ढाता !
सत्यमेव जयते,सही प्रतीत होता है
लोगों का काला,अतीत रोता है !
कालातीत होते,देर न लगे
जांच एजेंसियां,जो पीछे पड़े !
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डॉ श्याम अटल

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