Friday, December 23, 2016

अटल मंथन
चिंतनीय !
----------------------------------------------------------------------------
जिस तरह से पकड़े,जा रहे हैं गुलाबी नोट
ऐसा लगता है मिलेगी,आगे भी घूस की चोट !
एक हजार इसलिए भी बन्द,क्यूंकि पेपर बचाना था
पर लेन-देन महंगाई वाला,भी तो आगे बढ़ने वाला ?
नकली नोट भी धड़ल्ले से,बाजार में पटके जा रहे
2000 की करंसी में ये,बड़े फटके लगाएंगे ?
जनता बड़ी नादान है,फर्जी की न पहचान है
देश के लुटेरों को अब,सलाखों के पीछे डाल दें !
----------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल

No comments:

Post a Comment