Saturday, December 31, 2016

अटल मंथन
इन्तजार की घड़ियां,समाप्त हुईं
नववर्ष ने खुशियों की,दस्तक दी !
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राहतों का पिटारा,खोल दिया है
मोदी ने 'हैप्पी न्यू ईयर',बोल दिया है !
पी एम का प्रवचन,तारीफे काबिल रहा
समस्त देशवासियों का,दिल जीत लिया !
राष्ट्र के विकास में,सहयोगी बनिये
हाथ उठा भारत माता,की जय कहिये !
डराया-धमकाया नही,मल्हम पट्टी की
आश्वासन ने जनता को,राहत की सांस दी !
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डॉ श्याम अटल

Friday, December 30, 2016

अटल मंथन
सन 2016 , दुर्भाग्यशाली निकला
नव वर्ष का आनन्द,किरकिरा हुआ !
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राष्ट्रीय नेता,प्रादेशिक को दबा रहे हैं
प्रादेशिक नेता,दबाव से छटपटा रहे हैं !
अंतर्कलह से एस पी,बेहद कमजोर हुई
यू पी चुनाव से पहले ही,चुनाव हार गई ?
माया की माया सारी,हड़पने की तैयारी है
और चुनाव से पूर्व हुई,बदनामी भी भारी है !
सायकल दुर्घटनाग्रस्त हुई,हाथी हुआ बीमार
चुनाव लड़ने से पहले ही,महारथियों की हार ?
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डॉ श्याम अटल

Thursday, December 29, 2016

अटल मंथन
विनाशकाले विपरीत बुद्धि,हो रही है
यू पी में समाजवादी,शुद्धि चाहिये !
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चुनाव से पूर्व,पुनः सिर फुटव्वल
टूट न जाए कहीं,समाजवादी दल !
पिता पुत्र का दिल,तोड़ देता है
पुत्र पिता से इसका,बदला लेता है !
मुलायम-अखिलेश में,टकराव बढ़ चला
जिम्मेदार हैं इसके,स्वजन शिव चाचा !
शिव जी की महिमा,भोले नाथ जाने
एस पी का नुक्सान,जरा पहचाने !
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डॉ श्याम अटल

Wednesday, December 28, 2016

अटल मंथन
नए नियम आने पर,पुराने वापस
नए वर्ष में नए नोट,का है स्वागत !
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पुराने नोटों की,मृत्यु अब  तय है 
10 से ज्यादा रखने पर,सजा का भय है !
31 मार्च तक की,मियाद पहले दी गई
किन्तु नए अध्यादेश से,स्वतः रद्द हो गई ?
दो विरोधाभासी बातें,दिखाई देती हैं
बेहतर होता रिजर्व बैंक की,'चॉइस' न देते !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, December 27, 2016

अटल मंथन
जनता बताये,सही या गलत ?
तदनुसार सिखाये,चुनाव में सबक !
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किसके पास कितना पैसा,जान लिया रे
सरकार को जनता ने,हिसाब दिया रे !
नोट बन्दी सफल हुई,मान लिया रे
30 के बाद भी खतरा है,पहचान लिया रे !
विपक्षी दलों को भी,खंगाल लिया रे
देश के साथ सचमुच,इन्साफ किया रे !
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डॉ श्याम अटल

Monday, December 26, 2016

अटल मंथन
कितना अपना,कितना पराया ?
जमाकर्ता भी,समझ न पाया !
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प्रादेशिक सरकारें,परेशान हैं
नोट बन्दी ने,चोट की ईमान पे !
माया का आनन्द,खतरे में पड़ा
खाते में करोड़ों से,संकट बढ़ा !
बेनामी सम्पत्ति से,लालू परेशान हैं
अचम्भित से लगे,नीतीश के बयान से !
शतरंज से भी दिमागदार,खेल चल रहा है
विपक्षी दलों को,जरा न फल रहा है !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, December 24, 2016

अटल मंथन
तेरा तुझको अर्पण,क्या लागे मेरा
नए वर्ष से उदित,हो रहा नया सवेरा !
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देशवासी अनुशासित,राष्ट्र भक्ति से भरपूर
प्रजातन्त्र भारत का,दुनिया में मशहूर !
बैंक खाली पड़े थे,लबालब भर गए
कर्जा ले ले जनता,जितना जी चाहे !
सरकारी खजाने खाली थे,भरे लबालब
राष्ट्र का विकास होगा,अब फटाफट !
दिक्कतों के बावजूद,नोटबंदी हुई सफल
देश में उपजेगी अब,समृद्धि की फसल !
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डॉ श्याम अटल

Friday, December 23, 2016

अटल मंथन
चिंतनीय !
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जिस तरह से पकड़े,जा रहे हैं गुलाबी नोट
ऐसा लगता है मिलेगी,आगे भी घूस की चोट !
एक हजार इसलिए भी बन्द,क्यूंकि पेपर बचाना था
पर लेन-देन महंगाई वाला,भी तो आगे बढ़ने वाला ?
नकली नोट भी धड़ल्ले से,बाजार में पटके जा रहे
2000 की करंसी में ये,बड़े फटके लगाएंगे ?
जनता बड़ी नादान है,फर्जी की न पहचान है
देश के लुटेरों को अब,सलाखों के पीछे डाल दें !
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डॉ श्याम अटल

Thursday, December 22, 2016

अटल मंथन
कोई नेता पास कोई दूर,होता दिखता है
राजनीतिक दलों का धन,सुरक्षित रहता है !
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नोटबन्दी से एक लाभ,जरूर होता दिखता है
लालू-नीतीश में मनमुटाव,बढ़ सकता है !
नीतीश समर्थन करते हैं,लालू घोर विरोधी हैं
बी जे पी खोये साथी को,वापस पाती दिखती है ?
चुनाव नहीं लड़ते कईं दल,पर हेराफेरी करते हैं
काले धन के इस्तेमाल से,वे जरा न डरते हैं !
255 पार्टियों की सूची,चुनाव आयोग ने भेजी है
2005 से अब तक ये,मैदान में ही न उतरी हैं !
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डॉ श्याम अटल

Wednesday, December 21, 2016

अटल मंथन
रोज बदलते नियम,बने जी का जंजाल
नोट बन्दी से जनजीवन,अब भी बेहाल !
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विदेशी बैंकों की खैर नहीं,जुर्माना लगाते देर नहीं
आर बी आई सुर्ख़ियों में,मकसद देश की भलाई !
बैंकों की हेराफेरी के,प्रकरण बेशक जारी हैं
नोटों की किल्लत बाजार में,अब भी भारी है !
नई रियायतों का,सरगर्मी से इन्तजार है
नए वर्ष में कष्टों से,निजात अब सरकार दे !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, December 20, 2016

अटल मंथन
अभी नुक्सान,बाद में फायदा
नोट बन्दी का,यही है कायदा !
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आये दिन एक नयी,सजा सुनाई जाती है
जिससे फैसलों को,नयी हवा मिल जाती है !
नोट बन्दी इन दिनों,हो रही खूब मशहूर
व्यापारी-जनता,मंदी-किल्लत से मजबूर !
छापामार तरीके से,जब कार्य किया जाता है
तो राजस्व हेतु धन का,ढेर लग जाता है !
सरकार अपने मकसद में,कामयाब रही है
नए वर्ष में टैक्स राहत,की उम्मीद बढ़ी है !
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डॉ श्याम अटल

Monday, December 19, 2016

अटल मंथन
भारतीय क्रिकेट का,भविष्य उज्जवल है
टीम इंडिया के नए,चर्चित चेहरे सफल हैं !
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अपने तीसरे ही टेस्ट में,तिहरा शतक जड़ा
करुण नायर ने देश का,मस्तक ऊंचा किया !
300 रनों के क्लब में,सहवाग ने सराहा
टीम इंडिया को मिला है,उदीयमान सितारा !
टेस्ट क्रिकेट में टीम का,बना सर्वाधिक स्कोर
चेन्नई में पुनः जीतने का,प्रयत्न होगा पुरजोर !
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डॉ श्याम अटल

Sunday, December 18, 2016

अटल मंथन
नए राजनीतिक दल,बनाना चाहिए
टैक्स से सदस्यों को,बचाना चाहिए !
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मजदूरी न मिलने से,मजदूर हुए बेकार
नोट बंदी के चलते,मन्द हुआ व्यापार !
बैंकों में जब कैश नहीँ,तो बैंककर्मी मुसीबत में
और यदि अन्यत्र बटे,तो हेराफेरी की जद में !
चिड़िया जहां बैठाना है,वहीं पर घपला आना है
चिड़िया यदि उड़ा दी जाए,तो पारदर्शिता सच में आए !
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डॉ श्याम अटल

Friday, December 16, 2016

अटल मंथन
किसान कार्ड,कांग्रेस ने चला
पी एम लेंगे लाभ,करके भला !
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संसद का शीतकालीन,सत्र समाप्त हुआ
नोट बन्दी के चलते,गर्मी बढ़ा गया !
आतंकियों को चोट लगी,तो बैंक लूट ली गई
बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था,खतरे में पड़ी !
बेहिसाब काला धन,सामने आ रहा
सरकारी कामयाबी की,कथा सुना रहा !
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डॉ श्याम अटल

Wednesday, December 14, 2016

अटल मंथन
त्यागी बनना,नहीं आसान
बन जाएं तो,काहे परेशान !
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भूतपूर्व होते ही,दुर्गति भारी
गिरफ्तार करने की,रहती तैयारी !
भ्रष्टाचार पद पर,प्रकट न हो पाता
पद छूटते ही,मुसीबतें ढाता !
सत्यमेव जयते,सही प्रतीत होता है
लोगों का काला,अतीत रोता है !
कालातीत होते,देर न लगे
जांच एजेंसियां,जो पीछे पड़े !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, December 13, 2016

अटल मंथन
दाल में काला,कहीं और होगा
उम्मीद तो नहीं,यहां भी है धोखा !
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पतंजलि के सम्मुख,कोई न टिक रहा
बेचना भी चाहे तो,कुछ भी न बिक रहा !
विज्ञापनों की माया,ही कुछ ऐसी है 
राम जी के अतिरिक्त,कोई ना दिखाई दे !
विदेशी कम्पनियां,कहां टिक पायेंगी
देवता के डर से,वे यहां न आयेंगी !
स्वदेशी का एक,नया दौर चला है
महंगाई के युग में,सस्ते से ही भला है !
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डॉ श्याम अटल

Sunday, December 11, 2016

अटल मंथन
वैकल्पिक व्यवस्था,अपर्याप्त है
ए टी एम से कैश , नदारद है !
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नोटों की कालाबाजारी,हो रही है
मिलीभगत बिना,जो सम्भव नहीँ है !
कारोबारी मंदी से, जूझ रहे हैं
कमीशनखोरी वाले,फल फूल रहे हैं !
500 के नोट,अभी तक नदारद हैं
2000 के छुट्टे,नहीं मिल पा रहे !
वजनदार सिक्कों से,चल रहा है काम
आम आदमी,हो रहा परेशान !
उधार लेन देन का,चलन बढ़ा है
नकदी की किल्लत का,कुअसर पड़ा है !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, December 10, 2016

काव्यांजलि
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निमन्त्रण -
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'अग्निपथ' पर चलने वाले,ठाकुर साहब के प्रशंसक सारे
'वैचारिक यज्ञ' में पधारें , स्वर्णिम स्मृति आहूति डालें !
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अतिथि देवो भव !
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श्री निधीश त्यागी -
अन्य सब त्यागा,सो त्यागी कहलाये
नेटवर्क - 18 सम्भाला,तो नीधीश जगत में छाये !
इस न्यूज़ चैनल की,बात ही निराली है
स्वागत श्री मान का,गड़गड़ाती ताली से !
विमुद्रीकरण का भविष्य,वही जो आप बतलायेंगे
आशा है देशवासियों में,अलख जगायेंगे !
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श्री अरुण आदित्य -
अरुणोदय होते ही,अमर उजाला हाथ में
सम्पादक का आश्वासन है,वे जनता के साथ हैं !
जाने माने पत्रकार का,उज्जयिनी में स्वागत है
राजनीति और राष्ट्रवाद पर,आज आपका भाषण है !
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श्री राकेश गुप्त -
गुप्त रखकर योजनाएं,धर पकड़ जब की जाए
तो राकेश जी के हाथ से,बदमाश कोई न बच पाए !
असमाजिक तत्वों पर शिकंजा,कसने में ये माहिर हैं 
चाहे अपराधी कितना भी,चालबाज-शातिर बने !
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श्री संकेत भोंडवे -
संकेत से जब बात हो,तो कलेक्टर के सन्देश हैं वो
स्मार्ट सिटी घोषित होने के,सम्भावित आदेश समझो !
प्रशासन की मीडिया से,यही अपेक्षाएं रहती हैं
जन कल्याणकारी योजनाएं,जनता तक पहुंचती रहें !
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विभूति अभिनन्दन -
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डॉ श्रीमती सलूजा -
यशस्वी ऊर्जावान,मैडम सलूजा
इनके समकक्ष,न कोई  दूजा !
चिकित्सक हैं नामी,पर समाजसेवी भी
सहज सरल व्यक्तित्व की,ये हैं धनी !
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श्री गणपति शंकर शर्मा -
शंकर सुत गणपति हैं ये,माँ सरस्वती के आराधक
साहित्यिक रचनाएँ इनकी हैं,प्रशस्ति गान के लायक !
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श्री गोपाल भार्गव -
जन समर्थन इनको हांसिल,पत्रकारिता में है रुझान
मन्त्र मुग्ध हो जाएंगे आप,पढ़ेंगे जब गोपाल आख्यान !
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श्री राजीव पाहवा -
राजीव राज आज भी,सेवारत समाज में
पर्यावरण विद के रूप में,पाहवा जी विख्यात हैं !
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श्री ब्रज जैन -
ब्रज जैन ब्रजवासी नहीं,पर इनमें हैं खूबियां कईं
एडवोकेट ये सीनियर हैं,कोर्ट के मसले इनको दें !
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डॉ श्याम अटल

Friday, December 9, 2016

अटल मंथन
उद्योग धंधे ठप्प हैं,रोजगार,बेरोजगार हो रहे
सच्चाई तो यही है,भले ही आप माने ना माने !
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धन तो बैंक से लायेंगे,पर कोई न लौटाएंगे
1 जनवरी से पहले,किल्लत न मिटा पायेंगे !
नए नोट जमा न कराना,बैंक पुराने भर देगी
और आपके खाते पर आपसे,पूछताछ ही बढ़ेगी !
केशलेस होने में अभी,बहुत वक्त लगेगा
तुरन्त केश दिलवाएंगे,तो ही काम चलेगा !
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डॉ श्याम अटल

Thursday, December 8, 2016

अटल मंथन
बैंकों पर भरोसा,कैसे करें ?
जब ए टी एम,खाली पड़े !
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नए नोटों की कालाबाजारी,उफान पर
नोट बन्दी के बाद,चढ़ता तूफ़ान यह !
चेन्नई में नए नोट,70 करोड़ पकड़े गए
100 किलो सोने के साथ,कीर्तिमान गढ़े नए !
2000 के बाद 100 से,काम चलाना पड़ता है
500 के अभी भी नदारद,ग्राहक गंवाना पड़ता है !
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डॉ श्याम अटल

Wednesday, December 7, 2016

अटल मंथन
नोटबन्दी का असर
सिने जगत पर ?
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दो नम्बरी लक्झरी,फ़िल्में कम बनेंगी
कम बजट चलचित्रों की,कीमत अब बढ़ेगी ?
साफ़ सुथरी फिल्मों का,नया दौर आयेगा
अमीरी का रूतबा,जो काफी कुछ घटायेगा !
या कि सब कुछ पूर्ववत,चलता ही रहेगा ?
फायनेंसर बैंक भरोसे,किसी से न डरेगा !
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, December 6, 2016

ATAL SPEAKS - 400
RIGHTLY SAID !
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WHAT ONE THINKS AGAIN AND AGAIN
ULTIMATELY ONE MAY GET
HENCE YOU THINK POSITIVE ALWAYS
FAILING WHICH FAILURE ON WAYS !
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DR. SHYAM ATAL
अटल वाणी - 509
मार्ग दर्शन !
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प्रभु पथ पर जीवन रथ,डालने की देर
परमात्म प्रकाश से,मिट जाए अंधेर !
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डॉ श्याम अटल
अटल वाणी - ५०८
अंदर की आवाज सुनो !
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कर्म करने पर,दिखाई देता है
वचन कहने पर,सुनाई देता है
दिल ईश्वर की,गवाही देता है !
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डॉ श्याम अटल

Monday, December 5, 2016

अटल मंथन
अनुरोध जनता का,फरमान सरकार का !
   ( अर्जी हमारी - मर्जी सरकारी ! )
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नोटबंदी का दुरूपयोग,होने लगा है
नोटों का ही व्यापार,चल पड़ा है !
बैंकों का दुरूपयोग भी,होने लगा है
काला सफेद करने का,पैमाना बढ़ा है !
बैंक कर्मी -दलाल,कईं हत्थे चढ़े हैं
कालाबाजारी 2000 के,पीछे पड़े हैं !
पेट्रोल पम्प पर भी,500 चलवा दें
तो नाके पर गाड़ियां,सरपट दौड़ें !
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डॉ श्याम अटल
अटल मंथन
नकद नारायण,हैं नाराज
टिकते नहीं,किसी के पास !
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जिंदगी बैंक के,इर्द गिर्द सिमट गई
मिल नहीं रही है,करंसी अब भी नई !
2000 और 100 के नोट,चल रहे बाजार में
पर 500 के नोट बिना,मुश्किल व्यापार में !
स्त्री-पुरुष,युवा-वृद्ध,सबके सब हैं परेशान
कहीं-कहीं मच जाती,लाइन में घमासान !
मंदी के दौर से,कोई व्यवसाय अछूता नहीँ
फिर भी देश की जनता के,धैर्य का जवाब नहीं !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, December 3, 2016

अटल मंथन
विसंगतियों में भी,संगति बैठाना है
घर के साथ कारोबार,भी चलाना है !
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'जियो' और जीने दो,का नारा अब हमारा
सरकार को भी लगेगा,यही सबसे प्यारा !
करोड़ों लोगों का जहां,ये बन रहा सहारा
अन्य कम्पनियों का कहीं,निकल न जाए दीवाला !
सत्ता से जुड़े हाथ,जनता कर रही स्वीकार
उपलब्ध नोटों से करना,शुरू पुनः व्यापार !
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डॉ श्याम अटल 

Friday, December 2, 2016

ATAL SPEAKS - 399
KEEP IT TO YOU !
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'SECRET' IS NECESSARY,FOR SUCCESS
LEARN A LESSON,FROM INCIDENCES !
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DR. SHYAM ATAL

ATAL SPEAKS - 398
TAKE IT EASY !
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AS SOON AS,YOU ACCEPT A DISASTER
THE RELIEF FROM GRIEF,BECOMES FASTER !
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DR. SHYAM ATAL
अटल मंथन
परेशान हैं नागरिक-हाल कहे वास्तविक !
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आँख के तारे आँख को,खटकने लगे
पेट्रोल की लाइन में,अब भटकने लगे !
पुराने नोट पम्प पर,नहीं चलेंगे
बैंक से लाएंगे तब,पेट्रोल भरेंगे !
सैलेरी वाले पूरी,सैलेरी न निकालें
निकालना चाहें भी,तो बैंक ही ना दें !
कैश की किल्लत क्यूं,बनी रहना चाहिये ?
सरकार को जनता से,सहानुभूति रखना चाहिये !
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डॉ श्याम अटल 

Thursday, December 1, 2016

 अटल वाणी - 507
 अन्तर्दृष्टि !
( दिव्य दृष्टि )
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बाह्य संसार देखने हेतु,मिली है सबको दो आंखें
तीसरी आंख उसी के पास,जो ईश्वर से जुड़ना जाने !
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डॉ श्याम अटल