Monday, December 28, 2015

अटल वाणी - 482
सर्वत्र प्रभु दर्शन !
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भगवान,भक्त के,भाव के आधीन हैं
स्वरूप चुनने में,भक्त स्वाधीन हैं !
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डॉ श्याम अटल 

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