Friday, December 11, 2015

देव उतर आए धरती पर,सबने खूब समां बाँधा
महाकाल के भक्तों ने,सिंहस्थ को परखा और जांचा !
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त्रिदेवों की चर्चा किये बिन,मन नहीं मान रहा
कलेक्टर,एस पी और कमिश्नर,को शहर जान रहा !
वैचारिक यज्ञ में भाग लेकर,आप सभी ने मन मोहा
इसलिए प्रशस्ति भाव से,लिखा हृदय से ये दोहा !
कुम्भ पर्व की सफलता हेतु,ब्रह्मा-विष्णु-महेश प्रयासरत
कार्य शैली-सकारात्मक सोच का,तहे दिल से हार्दिक स्वागत !
पुनश्च ,
अतिथि देव दिल्ली से भी पधारे,अग्निपथ को खूब सराहे
मीडिया व असहिष्णुता पर,दे गए दोनों कुछ नये नारे !
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डॉ श्याम अटल 

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