Friday, December 25, 2015

अटल मंथन
तनावग्रस्त हैं नेता,इन दिनों दिल्ली के
जाने कब किस पर,बिजली गिरे !
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देश की राजनीति,एक नए मोड़ पे
नीचा दिखाने की,सबमे होड़ है !
नया इतिहास,रचने का दौर है
भ्रष्टाचार मिटाने पर,पूरा जोर है !
विजेता रहेगा कौन,इस दौड़ में ?
कहना मुश्किल है,अभी तो शोर में !
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डॉ श्याम अटल  

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