Sunday, December 20, 2015

अटल मंथन
न्याय मिलने में,बरसों लग जाते हैं 
कोर्ट बदलते बदलते,जूते घिस जाते हैं !
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आरोप तो लगते हैं,पर साबित नहीं हो पाते हैं
सबूतों के अभाव में,ज्यादातर छूट जाते हैं !
हाजिर भी हुए तो,जमानत मिल जाती है 
जिंदगी तनाव के साथ,तब भी गुजर जाती है !
न्यायप्रणाली की खामियां,और प्रकरणों का अम्बार
भी नहीं होने देता,अदालत में हार !
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डॉ श्याम अटल   

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