Wednesday, December 9, 2015

अटल मंथन
चिंतनीय !
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अपने आका को बचाने,साथी कूदे मैदान में
सदन ठप्प देखकर,देशवासी हैरान हैं !
मीडिया से जो जाना हमने,प्रकरण में जान है
अदालत से बेदाग निकले,तो जनता में मान है !
भ्रष्टाचार की आग से,देश झुलस रहा है
भष्टाचारियों को अभी,ज्यादा फल रहा है !
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डॉ श्याम अटल  

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