Friday, July 7, 2017

अटल मंथन
प्रसाद का स्वाद,बिगड़ने लगा
सत्ता का नशा,उतरने लगा ?
 ( देर है अंधेर नहीं ! )
-------------------------------------------------------------
भ्रष्टाचारी सदैव ही,पकड़े जायेंगे
भूतपूर्व होते ही,वे धराएंगे !
सत्ताधारी दल,बदलते रहना चाहिये
तब बदले की ललक,का भी मजा पाईये !
राजनीति में लाभ का,सौदा कौन न चाहेगा ?
सेवा संग मेवा तो,हर कोई पायेगा !
--------------------------------------------------------------
 डॉ श्याम अटल 

No comments:

Post a Comment