Monday, July 3, 2017

अटल मंथन
अचूक उपाय - जो किला ढहाए !
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दुनिया अजीबोगरीब है,यहां न कोई शरीफ है
दोहरे चेहरे सबके पास,कैसे मिले कहिये इंसाफ ?
सलाउद्दीन आतंक की दास्ताँ,स्वयं कबूलता है
और चीन उसकी ढाल बनकर,संरक्षण देता है !
समूचे कश्मीर में,खून की होली खेली जा रही
पर पाकी आकाओं को,यह नजर नहीं आ रही !
सोई हुई दुनिया जागे,चीन-पाक को पहचाने
इन दोनों दुष्टों का,आर्थिक बहिष्कार कर पछाड़ें !
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डॉ श्याम अटल  

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