Monday, July 31, 2017

अटल मंथन
शरद का चाँद भी,राहत न दे सका
महागठबंधन तेजस्विता,सह न सका !
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राजनीति में दिन-रात,बदलते रहते हैं
दुश्मनी तजकर दोस्त,बनते रहते हैं !
भ्रष्टाचार से लड़ाई में,साथ आना पड़ता है
भ्रष्टाचारियों को सबक,सिखाना पड़ता है !
पुराने सहयोगी,तिलमिलाने लगते हैं
ऐसे में कईं राज,उजागर होकर रहते हैं ?
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डॉ श्याम अटल

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