अटल मंथन
नदियों को जोड़कर,बाढ़ से बचिये
जितनी जल्दी हो सके,काम शुरू करिये !
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लगभग आधा देश,बाढ़ की चपेट में
पहाड़ टूटकर गिर रहे,पहाड़ी क्षेत्र में !
कईं नाले नदियों में,तब्दील हो रहे
रास्ते बंद होने से,रहवासी रो रहे !
जल नहीं जीवन नहीं,अतिवृष्टि खतरे की घंटी
इंद्र देव से यही अनुरोध,प्रेम से करिये आपूर्ति !
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डॉ श्याम अटल
नदियों को जोड़कर,बाढ़ से बचिये
जितनी जल्दी हो सके,काम शुरू करिये !
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लगभग आधा देश,बाढ़ की चपेट में
पहाड़ टूटकर गिर रहे,पहाड़ी क्षेत्र में !
कईं नाले नदियों में,तब्दील हो रहे
रास्ते बंद होने से,रहवासी रो रहे !
जल नहीं जीवन नहीं,अतिवृष्टि खतरे की घंटी
इंद्र देव से यही अनुरोध,प्रेम से करिये आपूर्ति !
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डॉ श्याम अटल
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