Monday, July 31, 2017

अटल मंथन
शरद का चाँद भी,राहत न दे सका
महागठबंधन तेजस्विता,सह न सका !
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राजनीति में दिन-रात,बदलते रहते हैं
दुश्मनी तजकर दोस्त,बनते रहते हैं !
भ्रष्टाचार से लड़ाई में,साथ आना पड़ता है
भ्रष्टाचारियों को सबक,सिखाना पड़ता है !
पुराने सहयोगी,तिलमिलाने लगते हैं
ऐसे में कईं राज,उजागर होकर रहते हैं ?
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डॉ श्याम अटल

Friday, July 28, 2017

अटल मंथन
नवाज नवाब न रहे,इमरान शाबास
पाक की शराफत पर,कैसे करें विश्वास ?
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पाकिस्तान में लोकतंत्र को,अस्थिर किया गया
घोटाले के चलते नवाज को,हटा दिया गया !
सेना की कठपुतली थे,अब वह भी ना रही
बाजवा की बाजीगरी,सामने आ गई !
फिर भी युद्ध लड़ने के,आसार कम हुए
पहले घर संभालेंगे,फिर कश्मीर में झाकेंगे !
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डॉ श्याम अटल 

Thursday, July 27, 2017

अटल मंथन
गठबंधन टूटा,भाग्य रुठा
भ्रष्टाचार निरोध का,प्रयोग अनूठा !
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लालू अलग थलग,पड़ गए हैं
लेकिन फिर भी,अकड़ रहे हैं !
रस्सी जल गई,पर बल न टूटा
पूरा परिवार,अवसाद में डूबा !
तेजस्वी चेहरे,मुरझाने लगे हैं
गलत किये पर,पछताने लगे हैं ?
सत्ता के मद में,हद पार न करें
पासा पलटने पर,हार भी सहें !
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डॉ श्याम अटल

Wednesday, July 26, 2017

अटल मंथन
सांप मरा,लाठी न टूटी
आर जे डी की,किस्मत फूटी !
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हवाई गति से,घटनाक्रम खूब चला
नीतीश ने एन डी ए का,दामन थामा !
बी जे पी खेमे में बिखरी,खुशी की लहर
जे डी यू की लालू से,अलग हुई डगर !
इस्तीफा उलटा हुआ,राजनीतिक शतरंज में
पासा सीधा पड़ा,भ्रष्टाचार के खेल में !
दो जिस्म एक जान को,अलग करना सरल न था
महागठबंधन तोड़कर,हार का बदला लिया ?
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, July 25, 2017

अटल मंथन
अकल मारी जाने पर,विनाश भारी है
धर्म की धुरी पर,कट्टरता हावी है !
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आत्मघाती बनकर,दुनिया मिटाई जा रही
क्या आतंकवादियों को,रास नहीं आ रही ?
मरने का शौक है तो,अकेले मर जाईये
अपने साथ अन्यों का,क्यूं साथ तुम्हे चाहिये ?
जन्नत को जहन्नुम,हर रोज बनाया जा रहा
ईश्वरीय शक्ति को,क्यूँकर लजाया जा रहा ?
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डॉ श्याम अटल 

Monday, July 24, 2017

अटल मंथन
प्रकृति का कहर,युद्ध से बदतर
मानव को आयेगी,क्या कभी समझ ?
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कहीं भी रहिये,आप सुरक्षित नहीं
बाढ़ में बहने लगी,बहुमूल्य जिंदगी !
देश जलप्रलय की,समस्या से जूझ रहा
सेना की मदद से,राहत कार्य चल रहा !
ऐसे में चीन को,युद्ध की सूझी
मानवता की पहेली,उसने न बूझी !
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डॉ श्याम अटल 

Thursday, July 20, 2017

अटल मंथन
मीरा से टक्कर,पूरी मिली
पर पी एम की मंशा,जरा न हिली !
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राष्ट्रपति बनना,आसान नहीं था
पर भगवान राम का,वरदान यही था !
सरकारी खेमे ने,कोविंद को चुना
फलस्वरूप सपना,साकार हुआ !
महामहिम जी को,अग्निपथ पर बधाई
यू पी ए की हो गई,आख़री विदाई !
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डॉ श्याम अटल 

Wednesday, July 19, 2017

अटल मंथन
एक अकेला हार न जाए,मिलकर मुकाबला करने चले
पहले से कंगाल है दोनों,भीख मांगने संग निकले !
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चीन गुर्रा रहा है,पाक फड़फड़ा रहा है
भारत को सीमा पर,तैयार पा रहा है !
भूमि के टुकड़े की,यह औकात है
जमींदोज करने को,सेनाएं बेताब हैं !
हमें दुर्बुद्धि पर,तरस आ रहा है
पी एम की ख्याति का,बदला लिया जा रहा है ?
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, July 18, 2017

अटल मंथन
उज्जैन में इतिहास रचा,वर्मा जी का काम जंचा !
( अभिनंदन समारोह का,आँखों देखा हाल ! )
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हृदय से सब बोले,दिल के द्वार खोले
ऐसा लगा हमको,मानो आए भोले !
सर्वधर्म समभाव मय,अनूठा मिलन देखा
साम्प्रदायिक सौहार्द का,संगम यहां हुआ !
सामाजिक शोध संस्थान में,शोध किया गया
मनोहारी सिंह को,राजा बना दिया !
प्रशासनिक अधिकारी सब,आप जैसे हों तो
वह दिन दूर नहीं,जब रामराज्य देखो !
पुनश्च ,
पुष्पमालाओं का,पहाड़ दिखा हमें आज
आपकी उपलब्धियों पर,शहर को है नाज !
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डॉ श्याम अटल  

Monday, July 17, 2017

अटल मंथन
राम राज्य देश में,आने वाला है ?
राष्ट्रपति के रूप में,कोविंद का जमाना है ?
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राजनीति में राष्ट्रपति,चुनाव अहम है
अपने ही चहेते,राम का भजन है !
सरकार को जो भी,नाम पसंद है
वही चुना जायेगा,इसी पर छंद है !
उपराष्ट्रपति भी,इसी तरह चुने जायेंगे
निर्विरोध नहीं,सभी लड़कर आयेंगे !
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डॉ श्याम अटल 

Sunday, July 16, 2017

अटल मंथन
नदियों को जोड़कर,बाढ़ से बचिये
जितनी जल्दी हो सके,काम शुरू करिये !
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लगभग आधा देश,बाढ़ की चपेट में
पहाड़ टूटकर गिर रहे,पहाड़ी क्षेत्र में !
कईं नाले नदियों में,तब्दील हो रहे
रास्ते बंद होने से,रहवासी रो रहे !
जल नहीं जीवन नहीं,अतिवृष्टि खतरे की घंटी
इंद्र देव से यही अनुरोध,प्रेम से करिये आपूर्ति !
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डॉ श्याम अटल 

Friday, July 14, 2017

अटल मंथन
जितनी बड़ी हस्ती,उतने बड़े खतरे
यू पी में योगी के,पीछे आतंकी पड़े ?
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देश में सुरक्षा व्यवस्था,शक के घेरे में
विधान भवन तक में,आतंक के डेरे हैं !
सदन को दहलाने वाली,साजिश रची गई
दुश्मन ने करना चाही,गुस्ताखी बड़ी नई !
पी ई टी एन विस्फोटक का,पाया जाना विस्मयकारी
संसद की सुरक्षा की भी,सरकार संभाले जिम्मेदारी !
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डॉ श्याम अटल 

Thursday, July 13, 2017

अटल मंथन
गर्मी से राहत,मगर बाढ़ से आफत
आसमान से उतरी,देश पर शामत !
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बाढ़ का उत्तर,किसी के पास नहीं
उत्तर पूर्व भारत में,तबाही हर कहीं !
भूस्खलन से कईं,रास्ते बंद हुए
पर्यटक परेशान,जहां-तहां अटक गए !
कश्मीर में ऊपर से,आतंक का प्रहार
जिसके खात्मे का,बेसब्री से इंतजार !
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डॉ श्याम अटल   

Wednesday, July 12, 2017

अटल मंथन
सत्य का सामना,करना कठिन है
मीडिया पर हमला,कृत्य संगीन है !
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मीडिया को नाराज करके,एक और वज्रपात हुआ
लालू परिवार ने,अनचाहे कष्ट मोल लिया !
तेजस्वी तस्वीर,युवा वर्ग को भाती है
प्रश्न पूछे जाने पर,आक्रामक हो जाती है !
इधर कुआ उधर खाई,जान मुसीबत में आई
पिता ने पूछा बेटे से,क्यूंकर खबर बनाई ?
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, July 11, 2017

अटल मंथन
दुश्मन चालाक है,चौकस रहना है
मौका देखकर,पलटवार करना है !
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मानवता के नाम पर,नफरत एक धब्बा है
अमरनाथ यात्रियों में,गजब का जज्बा है !
आतंकवादी हमले से,समूचे देश में शोक है
यात्रा आगे जारी रखिये,सुरक्षा कवच जोड़ के !
चीन और पाक की,यह संयुक्त साजिश है
युद्ध को उकसाने वाली,रक्त रंजित रंजिशें !
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डॉ श्याम अटल 

Monday, July 10, 2017

अटल मंथन
शतरंज से ज्यादा रोचक,राजनीति का खेल
अच्छे-अच्छे धुरंधर,हो जाते इसमें फेल !
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लालटेन की रौशनी में,हल ढूँढा गया
केंद्र कितना दुःख देगा,यह सूंघा गया !
राम,विलास करके बोले,सुशासन कायम रखिये
शरद,यादव होने से,गठबंधन संग खड़े !
जोड़तोड़ की राजनीति पर,पूरा जोर है
तेजस्वी छवि पर दाग के,कारण शोर है !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, July 8, 2017

अटल मंथन
दुश्मन का ड्रामा,समझ के बाहर
कोई देखे इसे,भारत में आकर !
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बुरहान शहीद है,कहे शरीफ ये
आतंक की दास्ताँ,रोज नई लिख रहे !
चीन की शह है,इसलिए उछल रहे
वह दिन न दूर है,जब बेमौत मरेंगे !
ऑपरेशन मालाबार,हेतु नौसेना तैयार
चीन को चमकाने का,समझोअचूक वार !
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डॉ श्याम अटल 

Friday, July 7, 2017

अटल मंथन
प्रसाद का स्वाद,बिगड़ने लगा
सत्ता का नशा,उतरने लगा ?
 ( देर है अंधेर नहीं ! )
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भ्रष्टाचारी सदैव ही,पकड़े जायेंगे
भूतपूर्व होते ही,वे धराएंगे !
सत्ताधारी दल,बदलते रहना चाहिये
तब बदले की ललक,का भी मजा पाईये !
राजनीति में लाभ का,सौदा कौन न चाहेगा ?
सेवा संग मेवा तो,हर कोई पायेगा !
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 डॉ श्याम अटल 

Thursday, July 6, 2017

अटल मंथन
चीन ने भारत से,दुश्मनी बढ़ाई
लड़ना पड़ेगी अब,ईज्जत की लड़ाई !
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हिंदी चीनी भाई भाई,कभी नहीं होंगे
भरोसा करने पर,केवल मिलेंगे धोखे !
ड्रेगन को सारी दुनिया से,अड़ना आता है
पंचशील का पालन करना,उसे न भाता है !
विश्व युद्ध की ओर,ये दुनिया को धकेले जा रहा
नर्क में तब्दील किये बिन,उसे न चैन आयेगा !
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डॉ श्याम अटल  

Wednesday, July 5, 2017

अटल मंथन
घाव गहरा है,जल्दी नहीं भरेगा
लगता है ड्रेगन,बेमौत मरेगा !
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पी एम की लोकप्रियता,दुश्मन को नहीं सुहा रही
इसलिए भी युद्ध की,चेतावनी दी जा रही ?
व्यापारिक हितों पर,चोंट पहुंचने वाली है
इसलिए भी ड्रेगन को,नींद नहीं आ रही है !
स्वयं को अलग पड़ते देख,बौखलाहट बढ़ गई है
इसलिए भी सीमा पर,अफरातफरी मची है !
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, July 4, 2017

अटल मंथन
सीमा पर सतर्क,रहने की जरूरत
दुश्मन की युद्ध,लड़ने की हसरत !
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हिन्द महासागर में,चीन उतरा
बढ़ गया देश पर,युद्ध का खतरा !
नौ सेना अपनी,तैनात करके
भारत पर दबाव ,डाल रहे वे !
धमकी भी खुल्लमखुल्ला,दे रहा है
हमें तनाव हल्के में,नहीं लेना है !
पुनश्च,
कश्मीर में आतंक के जरिये,ध्यान बंटाया जा रहा ?
और अचानक 'वार' का,प्लान बनाया जा रहा ?
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डॉ श्याम अटल 

Monday, July 3, 2017

अटल मंथन
अचूक उपाय - जो किला ढहाए !
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दुनिया अजीबोगरीब है,यहां न कोई शरीफ है
दोहरे चेहरे सबके पास,कैसे मिले कहिये इंसाफ ?
सलाउद्दीन आतंक की दास्ताँ,स्वयं कबूलता है
और चीन उसकी ढाल बनकर,संरक्षण देता है !
समूचे कश्मीर में,खून की होली खेली जा रही
पर पाकी आकाओं को,यह नजर नहीं आ रही !
सोई हुई दुनिया जागे,चीन-पाक को पहचाने
इन दोनों दुष्टों का,आर्थिक बहिष्कार कर पछाड़ें !
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डॉ श्याम अटल