अटल मंथन
सौ सुनार की,एक लुहार की
बात चुनावी,जीत-हार की !
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सरकार की दादागिरी,देखी न जाती
कतारें देख-देखकर,आँखें तरस खाती !
देशवासी सारे,लाईन हाजिर हैं
अपनी रोजी-रोटी की,खातिर बैंक में !
एक ही प्रतिष्ठान,रोजगार रत
शेष सभी,दिवाले की कगार पर !
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डॉ श्याम अटल
सौ सुनार की,एक लुहार की
बात चुनावी,जीत-हार की !
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सरकार की दादागिरी,देखी न जाती
कतारें देख-देखकर,आँखें तरस खाती !
देशवासी सारे,लाईन हाजिर हैं
अपनी रोजी-रोटी की,खातिर बैंक में !
एक ही प्रतिष्ठान,रोजगार रत
शेष सभी,दिवाले की कगार पर !
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डॉ श्याम अटल
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