Wednesday, November 30, 2016

अटल वाणी - 506
नेकी नियामत है !
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सत्कर्म, जीवन का मर्म है
अनुकरणीय,मानव धर्म है !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, November 29, 2016

अटल मंथन
समझने वाले,समझ गए
ना समझे वे,अनाड़ी हैं !
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कुछ विज्ञापन धड़ल्ले से,चल रहे हैं
मन्दी में भी कमाऊ पूत,बन गए हैं !
प्रचुर पैसे वाले कैसे,कुछ लोग बन गए ?
जो रात-दिन खटे उनके,नोट सारे छिन गए !
कुछ तो दाल में काला है,कैसे मोर्चा सम्भाला है ?
कुछ उद्योगपतियों का,वाकई में बोलबाला है !
मुट्ठी भर लोगों ने,नोट बन्दी से भी लाभ लिया
ईश्वर ही जाने कैसे,कमाई का हिसाब दिया !
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डॉ श्याम अटल  

Monday, November 28, 2016

ATAL SPEAKS - 397
ADVICE !
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GOD IS GREAT,KEEP IN YOUR HEAD
BY DOING GOOD WORK,WRITE YOUR FATE !
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DR. SHYAM ATAL
अटल वाणी - 505
ईश सानिध्य !
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सकारात्मक सोच,ईश्वर की खोज है
आनन्द इस राह पर,बन्धु रोज लें !
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डॉ श्याम अटल
अटल वाणी - 504
ईश्वरानुभूति !
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हर कोई भगवान का,'अंशावतार' है
प्रकट हुए परमात्मा,क्रीड़ा-व्यवहार में !
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डॉ श्याम अटल
अटल मंथन
'भारत बन्द' बेअसर रहा,आक्रोश भर दिखा
जनता-मीडिया ने,पी एम को समर्थन दिया !
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विपक्ष के आक्रोश दिवस पर,केंद्र ने आभार माना
अमरसिंह और नीतीश ने,मोदी का महत्व जाना !
एस पी असमंजस में रही,पर जे डी यू ने साथ दिया
आर जे डी ने सी एम को,अवश्य आड़े हाथ लिया !
नए राजनीतिक समीकरण,प्रकट होने वाले हैं
बिहार सरकार पर संकट के,बादल छा सकते हैं !
नोट बैंक और वोट बैंक,दोनों कब्जे में
देखकर विरोधी खेमा,जी रहा सदमे में !
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डॉ श्याम अटल

Sunday, November 27, 2016

अटल मंथन
समय बलवान है,जीवन नाशवान है
यमदूत-देवदूत,दोनों ही इंसान है !
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आतंकी-कैदी भागे,पकड़े न गए
डी जी पी नाभा जेल,निलम्बित किये गए !
अपराधियों के शक में,गोलियां चलीं
कार से गुजरती लड़की,तुरन्त चल बसी !
बेबस है मानव,ईश्वर के सम्मुख
आते रहते हैं जीवन में,सुख और दुःख !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, November 26, 2016

अटल मंथन
लुटेरे बैंक के इर्द-गिर्द,घात लगाए बैठे हैं
मौक़ा देखकर धन छीनकर,भाग लेते हैं !
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जिंदगी उधारी पर,चल रही है
आज की पेमेंट कल पर,टल रही है !
नोट तो हैं बैंक में,पर जेब खाली है
केश की दिक्कत से,अभी बदहाली है !
दो दिन बैंक का,अवकाश क्या रहा
जनजीवन देश में,थम सा गया !
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डॉ श्याम अटल

Friday, November 25, 2016

अटल मंथन
पी एम ने पंजाब में,शब्दों का बाण चलाया
26/11 की बरसी पर,पाक को चेताया !
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'मोस्ट फेवर्ड नेशन' का दर्जा,खोने वाला है
पाक अब भारत के सम्मुख,रोने वाला है !
आतंकी देश घोषित करके,हुक्का-पानी बन्द करो
सिंधु नदी का पानी रोककर,प्यासा मार दो !
लातों के भूत बातों से,कभी न मानेंगे
युद्ध की भाषा भाती है तो,उसी से मारेंगे !
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डॉ श्याम अटल

Thursday, November 24, 2016

अटल मंथन
सेवा परम धर्म है
राजनीति गर्मागर्म है !
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राजनीति में जब,मजा न रहा
सिद्धू को चुनाव का,शौक चढ़ा !
कांग्रेस का,पल्ला पकड़ा
बी जे पी से,करके झगड़ा !
कमाई के अवसर,कम मिलेंगे
सेवा में अब,सब जुटेंगे !
खराब मेवा,कोई न खाए
और खाए तो,बीमार हो जाए !
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डॉ श्याम अटल

Wednesday, November 23, 2016

अटल मंथन
हिंदुस्तान के हालात,तेजी से बदल रहे हैं
नागरिक अनिश्चितता से,सहमे हुए हैं !
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नोटबन्दी पर सर्वे ने,समर्थन किया है
पी एम मोदी का हाथ,पकड़ लिया है !
विपक्ष ने राष्ट्रपति से,दखल की मांग की है
प्रधानमंत्री की संसद में,मौजुदगी चाही है !
सुप्रीम कोर्ट ने भी मसले पर,संज्ञान लिया है
याचिका पर सुनवाई का,ऐलान कर दिया है !
सीमा पर जांबाज सैनिक,पहरेदारी कर रहे
गृहक्षेत्र में नागरिक,बैंक की कतार में लग रहे !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, November 22, 2016

अटल मंथन
विचारणीय !
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छापामार तरीका ठीक न था,जनता को विश्वास में लेना था !
30 दिसम्बर तक नोट,चलन से बाहर कर देते
तब तक नए-पुराने दोनों ही,चलते रहते !
जनता को असुविधा न होती,बैंकों में भीड़ न लगती
हर हालत में करंसी,बैंक में जमा हो जाती !
बैंक में जमा होते ही,कर विभाग सक्रिय कर दिया जाता
जिसका जितना टैक्स बनता,ले लिया जाता !
सहज रूप से सब सम्भव था,पर ऐसा न किया गया
समूचे देश को लाइन में,खड़ा कर दिया !
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डॉ श्याम अटल

Sunday, November 20, 2016

अटल मंथन
श्रद्धांजलि !
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जीवन का,भरोसा नहीं,
मौत आती,कभी भी कहीं !
ट्रेन हादसा,ह्रदय विदारक,
जानें कईं गयीं,सैकड़ों घायल !
आतंकियों की,साजिश सम्भव,
यदि यही वजह,तो चिंताजनक !
मंत्री द्वय ने,मोर्चा सम्भाला
घटनास्थल का,लिया जायजा !
मुआवजे का,ऐलान हुआ है
फिर न हो हादसा,यही दुआ है !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, November 19, 2016

ATAL SPEAKS - 396
WELCOME - WELL DONE !
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LOVE LIFE
FOR EVERY REASON
ONE SHOULD FACE
EVERY SEASON !
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DR. SHYAM ATAL
अटल मंथन
दिल्ली में बैठकर,देश को जानना कठिन
टूटने लगे हैं,जनता के दिल !
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जीना दूभर किया,आम जनता का
धन है खाते में,पर उपलब्ध कहां ?
लेन-देन हेतु,कैश नहीं है पास
और कहीं से मिलने की,छूट चुकी है आस !
धन तो ले लेती,पर देती नहीं है बैंक
एक ही जवाब है,पास नहीं है कैश !
धन की किल्लत से,जनता परेशान
खेतिहर किसान,सबसे ज्यादा निराश !
बीज न बोयेंगे,तो कैसे उगेगा अनाज ?
महंगाई के साथ,भूखमरी का त्रास ?
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डॉ श्याम अटल

Friday, November 18, 2016

ATAL SPEAKS - 395
THINK POSITIVE !
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HEAVEN OR HELL
LIES IN THOUGHT
ARE YOU AWARE
OF, IT OR NOT ?
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DR. SHYAM ATAL
अटल मंथन
सौ सुनार की,एक लुहार की
बात चुनावी,जीत-हार की !
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सरकार की दादागिरी,देखी न जाती
कतारें देख-देखकर,आँखें तरस खाती !
देशवासी सारे,लाईन हाजिर हैं
अपनी रोजी-रोटी की,खातिर बैंक में !
एक ही प्रतिष्ठान,रोजगार रत
शेष सभी,दिवाले की कगार पर !
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डॉ श्याम अटल

Thursday, November 17, 2016

अटल वाणी - 503
प्राण उपासना !
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अदृश्य रूप में प्रभु,हर घड़ी साथ हैं
सच कहूं तो 'वे',तेरी-मेरी श्वांस हैं !
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डॉ श्याम अटल
अटल मंथन
सिसकियाँ !
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महंगी शाही शादियां,होती रहेंगी
जनता पूर्ववत,रोती रहेगी !
सरकार देखकर,सोती रहेगी
मीडिया की आवाजें,खोती रहेगी !
क्या हो रहा,इस देश में ?
प्रजातन्त्र के,परिवेश में !
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डॉ श्याम अटल
ATAL SPEAKS - 394
DO NOT FORGET !
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REMIND YOURSELF
AGAIN AND AGAIN
GREAT ACHIEVEMENTS
ARE YOURS THEN !
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DR. SHYAM ATAL

Wednesday, November 16, 2016

अटल वाणी - 502
चलिये,टहलते हैं !
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'दिल' के दुश्मनों से,दूर रहिये
जल्दबाजी से,हुजूर बचिये !
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डॉ श्याम अटल
अटल मंथन
राहतें कईं मिली,पर कम पड़ गईं
जिंदगी कतार में ही,गुजर रही अभी !
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लम्बी-लम्बी लाईनें खत्म होंगी,नहीं लगता है
आवश्यकता से बेहद कम,काउंटरों की संख्या है !
काम धंधा छोड़कर,एक ही काम करने को बचा
नोट जमा करने-बदलाने,जन बल बैंक की ओर चला !
भला होगा देश का इससे,ऐसा जरूर लगता है
फिर भी वक्त बताएगा,अभी तो कष्ट दिखता है !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, November 15, 2016

अटल वाणी - 501
द्वैत - अद्वैत !
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एक दूजे से,हम न जुदा
मैं इन्सां,और तू है खुदा !
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डॉ श्याम अटल
ATAL SPEAKS - 393
BLESS ME LORD !
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PURER THE BODY-MIND
PURER THE HEART
THAT MEANS YOU HAVE COME
CLOSURE TO GOD !
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DR. SHYAM ATAL
अटल मंथन
बैंक बनी दुकान,जो कभी बन्द न होती
फिर भी धन की आपूर्ति,सम्पूर्ण नहीं होती !
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घर-घर की है,यही कहानी
नोट कहां से,लाये दानी ?
अब तो हो गए,सारे ज्ञानी
लिखने लगे हैं,नई कहानी !
जितने थे,समृद्ध अभिमानी
वे भी भरने,लगे हैं पानी !
जिसने भी है,बात न मानी
वह मुश्किल में,पड़ेगा जानी !
और अंत में,
छोटे नोट के,दिन फिरे हैं
मानो कह रहे,फिर मिलेंगे !
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डॉ श्याम अटल

Monday, November 14, 2016

ATAL SPEAKS - 392
SUCCESS IS YOURS !
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THINK POSITIVE ALWAYS
NEGATIVE NEVER
GETS YOU ALWAYS
A GOOD FAVOR !
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DR. SHYAM ATAL
अटल वाणी - 500
प्रार्थना !
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घटनाएं घटती रहेंगी
परमात्मा की मर्जी से
आपकी कोई इच्छा हो
तो बेशक एक अर्जी दें !
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डॉ श्याम अटल

Sunday, November 13, 2016

अटल मंथन
समस्या बड़ी,पर समाधान छोटा
चलने दे कुछ दिन,सिक्का खोटा !
(नोटबन्दी वापस लें-समयावधि बढ़ा दें )
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पंगत लगा दी,रसोई तैयार नहीं
500 के नोट अभी भी,मिलते नहीं !
2000 का छुट्टा,कैसे कराएं ?
100 से 2000 का,अंतर कैसे मिटायें ?
'ब्लेक मनी' का ईलाज,होना चाहिए
पर नोटबन्दी के बिना,हो सकता है !
समयावधि देकर,नोटबन्दी करना थी
बैंक की कतारें तब,लम्बी न होतीं !
जनता सुविधानुसार,नोट बदलवा लेती
नकली नोटों की भी,संख्या सामने आती !
दर्द दिए बिना,ऑपरेशन कर सकते थे
नोट चलते रहते,नोट बदलते रहते !
ए टी एम अव्वल तो,काम न करें
देते भी तो 100 के नोट,अधिक न काम के !
निष्कर्ष -
नोटबन्दी से समूचा,देश हतप्रभ है
आम जन गुजर रहे,बड़े संकट से !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, November 12, 2016

अटल मंथन
काले धन की,कईं कहानियां
विपक्षी दलों की,बढ़ी परेशानियां !
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देश में हाहाकार,मचा है
जिसके प्रभाव से,कोई न बचा है !
धन तो है,पर चलता नहीं है
बैंक में जल्दी,बदलता नहीं है !
ए टी एम नहीं,कर रहे काम
इसलिए भी,जनता परेशान !
लम्बी-लम्बी,कतारें लगी हैं
नोट बदलवाने की,होड़ मची है !
कईं दिनों तक,परेशानी रहेगी
सांसत में,जिंदगानी रहेगी !
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डॉ श्याम अटल 

Thursday, November 3, 2016

अटल मंथन
राजनीति इस देश में,रोचक मोड़ पर
सत्ता मिलना चाहिए,घेरा तोड़कर !
( सन्दर्भ - दिल्ली छावनी ! )
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मुद्दे को जब हवा मिले तो,बात बड़ी बन जाती है
दवा कितनी भी करें पर,बीमारी न थम पाती है !
सच कहें तो विपक्ष की,सरकार से ठन जाती है
और देश की जनता पर,मानो विपदा आती है !
आंदोलन दिल से किया,पर दबा दिया गया
मकसद पूरा न हुआ,बड़ा लाभ न मिल सका !
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डॉ श्याम अटल 

Wednesday, November 2, 2016

अटल मंथन
राजनीतिक रणनीति,सैनिक का हित देखे
सरकार सहित सभी दल,सेना के मीत हैं !
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बड़े नेता जेल में तो,राजनीति का खेल है
मानो साबित कर रहे,यह सरकार फेल है !
किन्तु रात से पहले ही,छुट्टी हो जानी है
लगभग असम्भव है,जेल की हवा खानी है !
वैसे भी सलाखें तो,अपराधियों की चरागाह है
वहां राजनीतिज्ञों को,पनाह की मना है !
जनता को देखना था,सो देख लिया रे
इस घटना को वोटर,सदैव याद रखेंगे !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, November 1, 2016

अटल मंथन
घटना घटते ही,प्रतिक्रिया आती है
निष्पक्ष निर्णय,आना अभी बाकी है !
( सन्दर्भ - भोपाल एन काउंटर ! )
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कैदी जेल तोड़कर,चाहे भागें
विपक्ष कहता है,प्रशासन न  जागे ?
गिरफ्तार कीजिये,मारिये मत
दिवाली पर मारकाट का,दीजिये हक ?
पुलिसकर्मी की मौत का,अफसोस न जिन्हें
उनकी राजनीति पर,कालिख पोत दें !
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डॉ श्याम अटल