Thursday, June 9, 2016

अटल मंथन
तालियों की गड़गड़ाहट,गूँज रही अब तक कानों में
अमरीकी सांसदों के संग,हम भी खड़े दीवानों में !
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मोदी के सम्मुख,शेष राजनीतिज्ञ बौने हैं
सोच लाजवाब है,शब्द 'राम बाण' हैं !
देश में टक्कर छोड़िये,दुनिया में सानी नहीं
विवेकानंद की भांति,अमरीका में बात मानी गई !
तालियां बारम्बार बजी,संसद में झांकी जमी
खड़े होकर अभिवादन पाया,पी एम ने परचम लहराया !
हर शब्द मंत्र की तरह,सराहा गया वहां
ऊर्जा का झरना बहता,जग में जाते जहां !
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डॉ श्याम अटल

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