Saturday, June 18, 2016

अटल मंथन
प्रथम बारिश का,उज्जैन में स्वागत है
नहीं आने से,पानी की आफत है !
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गम्भीर डेम खाली पड़ा,भरने को बेताब
जमकर बारिश अब हो जाए,तो जलसंकट साफ !
जल के झगड़े समूचे देश में,बढ़ते ही जा रहे
छीनाझपटी में कुम्भ छलककर,अमृत गंगा बहा रहे !
ईश्वर की अनुकम्पा से ही,इस किल्लत का निदान है
उम्मीद रखें इंद्र देव,आगे भी मेहरबान रहेंगे !
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डॉ श्याम अटल 

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