Thursday, June 16, 2016

अटल मंथन
दिल्ली में रोज ही,जंग होती है
दिल्लीवासियों की,किस्मत रोती है !
--------------------------------------------------------------------------
दिल्ली सी एम,पी एम पर,रोज बाण छोड़ते
जो दुर्भाग्यवश लौटकर,उन्हीं की ओर दौड़ते !
आप जी जान से,मोदी के पीछे पड़े हुए
वे धैर्य धारण कर,मैदान में डटे हुए !
राजनीतिक शतरंज की,बिछी हुई बिसात 
जिसमें चलते रहते हैं,शह और मात !
वक्त बताएगा कौन,किस पर है भारी ?
राष्ट्रपति जी से है अपेक्षित,निर्णायक पारी !
------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल

No comments:

Post a Comment