अटल मंथन
सरकार गिराना,अपनी बनाना
सब सम्भव है इस युग में ,
खरीदी बिक्री गुपचुप होती,
हर कोई न सज्जन है !
( कर्नाटक का नाटक )
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राजनीति में सबको साथ,लेकर चलना कठिन काम
जोड़तोड़ बिठाने का,पूरा रहता है इंतजाम !
पैसे की लालच के चलते,काम बने आसान
पद की चाहत का सबके,मन में रहता अरमान !
अहंकार को चोंट लगे तो,सम्भव है बड़ा नुक्सान
बचकर चलिये ,बचकर रहिये,हो न जाएं कहीं बदनाम !
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डॉ श्याम अटल
सरकार गिराना,अपनी बनाना
सब सम्भव है इस युग में ,
खरीदी बिक्री गुपचुप होती,
हर कोई न सज्जन है !
( कर्नाटक का नाटक )
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राजनीति में सबको साथ,लेकर चलना कठिन काम
जोड़तोड़ बिठाने का,पूरा रहता है इंतजाम !
पैसे की लालच के चलते,काम बने आसान
पद की चाहत का सबके,मन में रहता अरमान !
अहंकार को चोंट लगे तो,सम्भव है बड़ा नुक्सान
बचकर चलिये ,बचकर रहिये,हो न जाएं कहीं बदनाम !
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डॉ श्याम अटल
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