अटल मंथन
औरंगजेब-हिटलर,निकल आये कब्र से
चुनाव करीब आ गये,काम लें सब्र से !
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राजनीतिक बयानों की,कोई सीमा नहीं
जो चाहे कहिये,अभी चलेगा सभी !
हदें पार करना तो,चुनाव मैदान में कूदिये
वाक् युद्ध के नये,मुद्दे रोज ढूंढिये !
मुद्दे आमंत्रित हैं,पुरस्कृत किये जायेंगे
निविदा निकाल दें तो,घर बैठे पायेंगे !
दिमागी खुराक,मनभावन मुद्दा परोसा जाये
स्वादिष्ट-दमदार कि,वोटर भरोसा दिखाये !
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डॉ श्याम अटल
औरंगजेब-हिटलर,निकल आये कब्र से
चुनाव करीब आ गये,काम लें सब्र से !
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राजनीतिक बयानों की,कोई सीमा नहीं
जो चाहे कहिये,अभी चलेगा सभी !
हदें पार करना तो,चुनाव मैदान में कूदिये
वाक् युद्ध के नये,मुद्दे रोज ढूंढिये !
मुद्दे आमंत्रित हैं,पुरस्कृत किये जायेंगे
निविदा निकाल दें तो,घर बैठे पायेंगे !
दिमागी खुराक,मनभावन मुद्दा परोसा जाये
स्वादिष्ट-दमदार कि,वोटर भरोसा दिखाये !
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डॉ श्याम अटल
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