अटल मंथन
रसोई गैस पर,अब सरकारी निगाहें
कहाँ जाएं आम जन,महंगाई के मारे ?
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गैस सिलिंडर चाहिये,चूल्हा जलाने को
सरकार ने महंगा किया,खाना पकाने को !
जनता ने चाहा,वाहन दौड़ाना तो
सरकार ने दाम बढ़ाये,लगाम लगाने को !
पहले छकायेंगे,फिर राहत पहुंचायेंगे
चुनावी दांवपेंच,कुछ तो आजमायेंगे ?
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डॉ श्याम अटल
रसोई गैस पर,अब सरकारी निगाहें
कहाँ जाएं आम जन,महंगाई के मारे ?
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गैस सिलिंडर चाहिये,चूल्हा जलाने को
सरकार ने महंगा किया,खाना पकाने को !
जनता ने चाहा,वाहन दौड़ाना तो
सरकार ने दाम बढ़ाये,लगाम लगाने को !
पहले छकायेंगे,फिर राहत पहुंचायेंगे
चुनावी दांवपेंच,कुछ तो आजमायेंगे ?
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डॉ श्याम अटल
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