अटल मंथन
प्राकृतिक प्रकोपों से,भगवान बचाए
जाने कब किस शहर का,नंबर आए !
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दिल्ली पर मौसम की,मार पड़ी है
आंधी-बारिश-तूफान से,मुश्किलें बढ़ी हैं !
मेट्रो-हवाई सेवा,सभी बाधित हुईं
पेड़ उखड़े-बिजली गुल,अंधेरे में डूबी !
चार धाम यात्री भी,संकट में पड़े
जो जहां थे,वहीं पर अटक गए !
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डॉ श्याम अटल
प्राकृतिक प्रकोपों से,भगवान बचाए
जाने कब किस शहर का,नंबर आए !
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दिल्ली पर मौसम की,मार पड़ी है
आंधी-बारिश-तूफान से,मुश्किलें बढ़ी हैं !
मेट्रो-हवाई सेवा,सभी बाधित हुईं
पेड़ उखड़े-बिजली गुल,अंधेरे में डूबी !
चार धाम यात्री भी,संकट में पड़े
जो जहां थे,वहीं पर अटक गए !
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डॉ श्याम अटल
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