Tuesday, February 7, 2017

अटल मंथन
जेब में रहे बन्दा,तो चन्दा ही चन्दा
जब चाहे कैश करो,और खूब ऐश करो !
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राजनीतिक पार्टियां,चन्दे पर चलती हैं
हिसाब के मामले में,वहां नहीं गल्ती  है !
बेहिसाब धन आने दो,कोई न टोकेगा
कानूनी खानापूर्ति के,बाद नहीं रोकेगा !
नोटबन्दी का सुपरिणाम,तुरंत प्रभाव से देख लें
20000 के नगद नारायण,2000 भर रह गए !
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डॉ श्याम अटल

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