Thursday, February 2, 2017

अटल मंथन
वोटर खड़ा चौराहे पर,इधर जाए या उधर ?
किसे बैठाये कुर्सी पर ? कांटों भरा सफर !
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सांझे चूल्हे का भोजन,पाकर राहुल बोले
मेरा 'हाथ' पकड़ें सरदार,मेरे संग डोले !
माया लिखित भाषण लाती,और पढ़कर सुनाती है
वोटर को समझाती है,बी एस पी याने 'हाथी' है !
नेताजी ने 'सायकल',चलाना स्वीकार किया
पिताश्री ने सुपुत्र को,चुनावी प्यार दिया !
'कमल' यू पी में खिलना,शुरू हो गया है ?
बजट के जरिये बी जे पी ने,भरोसा दिया है !
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डॉ श्याम अटल 

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