Friday, February 10, 2017

अटल मंथन
क्यूंकर देर है ?
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अंधेरे में तारे चमकते हैं,उजाले में गुम हो जाते हैं
दुःख में जिनने साथ दिया,वे सुख में भुलाये जाते हैं !
ये कैसा सृष्टि का नियम,या दृष्टि का फेर है
इसी वजह से बंधु शायद,जीवन में अंधेर है !
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डॉ श्याम अटल 

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