Saturday, February 25, 2017

अटल मंथन
कसाब के कितने अर्थ,समझ लिये देश ने
देखने की दृष्टि से,विरोधी आये तैश में !
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क से कबूतर-शांति दूत का,पहले पढ़ा था पाठ
अब फिर नए सिरे से डाला,कसाब पर प्रकाश !
कसाब के नए अर्थ,रोज निकाले जा रहे
जैसे कम्प्यूटर,स्मार्ट फोन,और बहनों के लिए योजनाएं !
माया ने अमित शाह को,कसाब की तरह देखा
बी जे पी समर्थकों के लिए,जबकि वे हैं देवा !
कसाब का हिसाब,यू पी चुनाव तक बाकी है
तय करेगा यह जुमला,कौन किस पर भारी है !
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डॉ श्याम अटल

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