Monday, February 27, 2017

अटल मंथन
येन केन प्रकारेण,वोट कबाड़ना
रोज नए जुमलों से,है मुकाबला !
-----------------------------------------------------------------
बयानों की बौछारें,होली की याद दिलाती
कवि सम्मेलनों के लिए,विषय वस्तु जुटाती !
गधों की चर्चा,खत्म होने का नाम न ले
वोटर को पटाने का,अभिनव प्रयास जारी है !
राजनाथ यू पी फतह,करने को आतुर हैं
राम मन्दिर कटियार की,सविनय चाहत है !
-----------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल

No comments:

Post a Comment