अटल मंथन
महंगाई सरकार बढ़ाये
प्रजा इसे समझ न पाए !
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जहां से भी सम्भव है,कमाया जा रहा है
जनता को यूं ही,चलाया जा रहा है ?
सरकार को धन की,सख्त जरुरत है
जहां से भी मिले,लेने की हसरत है !
पेट्रोल-डीजल इसका,एक उदाहरण है
सरकार नियंत्रित उपक्रमों,की यही रामायण है !
सरकारी-प्रायवेट डिपो,ऐसे अनेक हैं
बड़े घरानों संग भी,व्यवहार नेक है !
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डॉ श्याम अटल
महंगाई सरकार बढ़ाये
प्रजा इसे समझ न पाए !
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जहां से भी सम्भव है,कमाया जा रहा है
जनता को यूं ही,चलाया जा रहा है ?
सरकार को धन की,सख्त जरुरत है
जहां से भी मिले,लेने की हसरत है !
पेट्रोल-डीजल इसका,एक उदाहरण है
सरकार नियंत्रित उपक्रमों,की यही रामायण है !
सरकारी-प्रायवेट डिपो,ऐसे अनेक हैं
बड़े घरानों संग भी,व्यवहार नेक है !
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डॉ श्याम अटल
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