Wednesday, February 21, 2018

अटल मंथन
माल्या को माला पहनाओ,नीरव के हीरों की
नीरव को भी विदेश भगाओ,किंग फिशर जी !
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रिश्ता ढूंढो मित्र हैं दोनों,एक थैली के चट्टे बट्टे
मुफ्त का माल खाकर,लगता हो गए हट्टे कट्टे !
बैंकों के संबंधी बनकर,खूब दहेज ले डाला
दामादों का क्या बिगड़ेगा,होता रहे हंगामा !
इन दोनों को टक्कर देने,तीसरा सामने आया
पर रोटोमेक गाथा लिखकर,भी नहीं टिक पाया !
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डॉ श्याम अटल 

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