अटल मंथन
प्रकृति के सम्मुख,मानव असहाय है
ईश्वर से प्रार्थना,जल्दी बचाय ले !
---------------------------------------------------------------------
समुद्री पानी पर तैरती,थोड़ी सी धरती
या तो बर्फ से ढकी,या मरु भूमि बनने लगी !
यूरोप और अमेरिका पर,बर्फ की चादर बिछी है
आस्ट्रेलिया में भीषण गर्मी,असहनीय हो चली है !
बिना युद्ध ही प्रकृति,मारने पर आमादा है
ऐसे में वर्ल्ड वार को,भूल जाए जमाना ये !
भारतीय उपमहाद्वीप पर,तापमान सबसे बेहतर
दुनिया में रहने लायक,बचने वाली यही जगह !
-------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल
प्रकृति के सम्मुख,मानव असहाय है
ईश्वर से प्रार्थना,जल्दी बचाय ले !
---------------------------------------------------------------------
समुद्री पानी पर तैरती,थोड़ी सी धरती
या तो बर्फ से ढकी,या मरु भूमि बनने लगी !
यूरोप और अमेरिका पर,बर्फ की चादर बिछी है
आस्ट्रेलिया में भीषण गर्मी,असहनीय हो चली है !
बिना युद्ध ही प्रकृति,मारने पर आमादा है
ऐसे में वर्ल्ड वार को,भूल जाए जमाना ये !
भारतीय उपमहाद्वीप पर,तापमान सबसे बेहतर
दुनिया में रहने लायक,बचने वाली यही जगह !
-------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल
No comments:
Post a Comment