अटल मंथन
आम बजट का,बेसब्री से इन्तजार है
क्या निकलेगा पिटारे से,जिया बेकरार है !
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देखते ही देखते,चार बरस गुजरने को आये
बहुत कुछ किया गया,फिर भी कसर बाकी है !
प्रतिभाओं का पूरी तरह,उपयोग नहीं हो पा रहा
शिक्षा और रोजगार पाने को,युवा वर्ग तरस रहा !
धन नहीं जनता के पास,महंगाई उफान पर
ऐसे में बजट क्या होगा,सोचकर लगता है डर !
बहरहाल,
लोक लुभावन घोषणाएं,होने की उम्मीद तो है
लोकसभा चुनाव हैं सिर पर,ट्रम्प कार्ड तो कईं चलेंगे !
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डॉ श्याम अटल
आम बजट का,बेसब्री से इन्तजार है
क्या निकलेगा पिटारे से,जिया बेकरार है !
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देखते ही देखते,चार बरस गुजरने को आये
बहुत कुछ किया गया,फिर भी कसर बाकी है !
प्रतिभाओं का पूरी तरह,उपयोग नहीं हो पा रहा
शिक्षा और रोजगार पाने को,युवा वर्ग तरस रहा !
धन नहीं जनता के पास,महंगाई उफान पर
ऐसे में बजट क्या होगा,सोचकर लगता है डर !
बहरहाल,
लोक लुभावन घोषणाएं,होने की उम्मीद तो है
लोकसभा चुनाव हैं सिर पर,ट्रम्प कार्ड तो कईं चलेंगे !
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डॉ श्याम अटल
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