अटल मंथन
दुनिया को खुश करने की जरुरत नहीं है
देशवासियों को खुश रखना है
गुणवत्ता पर जोर देना है तो
स्वदेशी धन-प्रतिभा का उपयोग करना है !
( नव दृष्टि ! )
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एफ डी आई के लाभ अपनी जगह,पर हानियां भी सम्भव है
मुझे जो दिखाई देता है,कहने की यह कोशिश है !
हमारे 'मैन पॉवर' का,पूरा उपयोग नहीं हो पायेगा
बेरोजगारी बढ़ने से,जन असंतोष जरुर बढ़ जायेगा !
हमारी विदेशी मुद्रा,बढ़ने के बजाए घटने लगेगी
विदेशी कंपनियां कमाकर,धन स्वदेश ले जायेंगी !
हमारी आबादी अत्यधिक है,सो हम निर्यात पर ध्यान दें
आयात यदि बढ़ाएंगे तो,केवल त्राहि-त्राहि मचायेंगे !
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डॉ श्याम अटल
दुनिया को खुश करने की जरुरत नहीं है
देशवासियों को खुश रखना है
गुणवत्ता पर जोर देना है तो
स्वदेशी धन-प्रतिभा का उपयोग करना है !
( नव दृष्टि ! )
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एफ डी आई के लाभ अपनी जगह,पर हानियां भी सम्भव है
मुझे जो दिखाई देता है,कहने की यह कोशिश है !
हमारे 'मैन पॉवर' का,पूरा उपयोग नहीं हो पायेगा
बेरोजगारी बढ़ने से,जन असंतोष जरुर बढ़ जायेगा !
हमारी विदेशी मुद्रा,बढ़ने के बजाए घटने लगेगी
विदेशी कंपनियां कमाकर,धन स्वदेश ले जायेंगी !
हमारी आबादी अत्यधिक है,सो हम निर्यात पर ध्यान दें
आयात यदि बढ़ाएंगे तो,केवल त्राहि-त्राहि मचायेंगे !
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डॉ श्याम अटल
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