अटल मंथन
एक तीर से दो निशाने
लग जाए तो नहीं हर्जा
भूतपूर्व से आरोप जुड़े
तो होगी रोज नयी चर्चा !
( वित्त की पीड़ा ! )
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जितना बड़ा धंधा,उतनी बड़ी बेईमानी
हर घर-घराने की,बनती यही कहानी !
पर मुश्किल होने लगी,बेईमानी छिपानी
आये दिन दिखने लगी,सरकारी छापेमारी !
गाड़ी पटरी पर आने में,वक्त बहुत लग जाना है
उद्देश्य नेक यही लगता,भ्रष्टाचार मिटाना है !
निष्कर्ष -
जैसा खाते हैं,वैसी डकार आती है
पारखी निगाहें गुनाह,भांप जाती है !
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डॉ श्याम अटल
एक तीर से दो निशाने
लग जाए तो नहीं हर्जा
भूतपूर्व से आरोप जुड़े
तो होगी रोज नयी चर्चा !
( वित्त की पीड़ा ! )
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जितना बड़ा धंधा,उतनी बड़ी बेईमानी
हर घर-घराने की,बनती यही कहानी !
पर मुश्किल होने लगी,बेईमानी छिपानी
आये दिन दिखने लगी,सरकारी छापेमारी !
गाड़ी पटरी पर आने में,वक्त बहुत लग जाना है
उद्देश्य नेक यही लगता,भ्रष्टाचार मिटाना है !
निष्कर्ष -
जैसा खाते हैं,वैसी डकार आती है
पारखी निगाहें गुनाह,भांप जाती है !
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डॉ श्याम अटल
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