Monday, August 28, 2017

अटल मंथन
सच्चा सौदा,निकला खोटा
डेरे ने आखिर,दिया धोखा !
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धर्म की आड़ में,किये गलत काम
तथाकथित संत,हो गए बदनाम !
धर्मप्राण जनता के,प्राण हरते रहे
मुंह खोलने से,लोग बाग डरते रहे !
दुष्कर्मों की दास्ताँ,बड़ी लम्बी निकली
कुछेक प्रमाणित होते ही,सजा हो गई !
निष्कर्ष -
कर्मफल भोग आखिर,सामने आते हैं
जैसे कर्म वैसे फल,भोगे जाते हैं !
कानून के हाथ,बड़े लम्बे होते हैं
सजा सुनकर,अपराधी रोते हैं !
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डॉ श्याम अटल

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