अटल मंथन
जमीन समंदर बन जाती
देखी न जाती तबाही !
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प्राकृतिक प्रकोप से,विध्वंस हो जाता है
पुनः निर्माण में बड़ा,वक्त लग जाता है !
अबकि बारिश में पुल,कईं जगह टूटे
जिनसे गुजरते लोग,उफनते पानी में डूबे !
कार की जलसमाधि भी,हृदय विदारक दृश्य थी
पुल पर पानी अधिक,तो पार करियेगा नहीं !
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डॉ श्याम अटल
जमीन समंदर बन जाती
देखी न जाती तबाही !
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प्राकृतिक प्रकोप से,विध्वंस हो जाता है
पुनः निर्माण में बड़ा,वक्त लग जाता है !
अबकि बारिश में पुल,कईं जगह टूटे
जिनसे गुजरते लोग,उफनते पानी में डूबे !
कार की जलसमाधि भी,हृदय विदारक दृश्य थी
पुल पर पानी अधिक,तो पार करियेगा नहीं !
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डॉ श्याम अटल
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