अटल मंथन
मानवीय गल्तियां,अब और न हों
सुरक्षा प्रबंधों में,अधिक सुधार करो !
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प्रभु पर जनता का,भरोसा उठने लगा है
रेल दुर्घटनाओं का,कीर्तिमान बनने लगा है !
रेल यात्राएं बड़े,खतरों से भरी हुई हैं
यात्रियों के सम्मुख,संकट की घड़ी है !
रेल्वे स्टाफ,अव्वल तो संख्या में कम
ऊपर से लापरवाही,दिखने लगी हर दम !
पुनश्च,
बुलेट ट्रेन फिलहाल,ख्वाब में चला करे
तकनीकी तैयारियां,पर्याप्त नहीं है !
गति से प्रथम सुरक्षा,अब हमारा ध्येय हो
समय रहते पहले,पुरानी पटरियां बदलो !
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डॉ श्याम अटल
मानवीय गल्तियां,अब और न हों
सुरक्षा प्रबंधों में,अधिक सुधार करो !
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प्रभु पर जनता का,भरोसा उठने लगा है
रेल दुर्घटनाओं का,कीर्तिमान बनने लगा है !
रेल यात्राएं बड़े,खतरों से भरी हुई हैं
यात्रियों के सम्मुख,संकट की घड़ी है !
रेल्वे स्टाफ,अव्वल तो संख्या में कम
ऊपर से लापरवाही,दिखने लगी हर दम !
पुनश्च,
बुलेट ट्रेन फिलहाल,ख्वाब में चला करे
तकनीकी तैयारियां,पर्याप्त नहीं है !
गति से प्रथम सुरक्षा,अब हमारा ध्येय हो
समय रहते पहले,पुरानी पटरियां बदलो !
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डॉ श्याम अटल
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