Thursday, August 31, 2017

अटल मंथन
बाढ़ आती है,कहर ढाती है
अनमोल जानें,चली जाती हैं !
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मुंबई की बारिश ने अबकि,कईं तरह से सताया
आवागमन अवरुद्ध हुआ,घर व्यक्ति पहुंच न पाया !
सड़क पर जल भराव से,मेन होल दिखाई न दिया
एक काबिल नामी चिकित्सक,अनचाहे बेमौत मरा !
जर्जर भवन उखड़ा जड़ से,भरभराकर गिर पड़ा
अपने ही रहवासियों की,कब्रगाह बना !
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, August 29, 2017

आर्थिक तबाही का,डर मन में बैठा
चीन ने भारत के,सम्मुख घुटना टेका !
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डोकलाम में बिना लड़े,चीन को हराया
भारत ने ड्रेगन को,पीछे हटाया !
अकल आई देर से,पर आ ही गई
जहर उगलने वाली,चीनी मीठी हुई !
पी एम के दौरे से पूर्व,ईंट बजा दी गई
ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत,शान से होगी !
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डॉ श्याम अटल 

Monday, August 28, 2017

अटल मंथन
सच्चा सौदा,निकला खोटा
डेरे ने आखिर,दिया धोखा !
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धर्म की आड़ में,किये गलत काम
तथाकथित संत,हो गए बदनाम !
धर्मप्राण जनता के,प्राण हरते रहे
मुंह खोलने से,लोग बाग डरते रहे !
दुष्कर्मों की दास्ताँ,बड़ी लम्बी निकली
कुछेक प्रमाणित होते ही,सजा हो गई !
निष्कर्ष -
कर्मफल भोग आखिर,सामने आते हैं
जैसे कर्म वैसे फल,भोगे जाते हैं !
कानून के हाथ,बड़े लम्बे होते हैं
सजा सुनकर,अपराधी रोते हैं !
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डॉ श्याम अटल

Tuesday, August 22, 2017

अटल मंथन
तलाक पर विवाद,अब व्यर्थ है
सुप्रीम सोच का,सार्थक अर्थ है !
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तीन तलाक पर अदालती,फैसला आया है
महिलाओं को दमन चक्र से,बाहर लाया है !
कुरीतियों पर रोक का,प्रशंसनीय प्रयास है
बुरा लगे मर्दों को भले,पर सार्थक बात है !
वोट बैंक में आमूलचूल,परिवर्तन आयेंगे
चुनाव में सरकार को,शाबासी दिलायेंगे !
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डॉ श्याम अटल 

Sunday, August 20, 2017

अटल मंथन
मानवीय गल्तियां,अब और न हों
सुरक्षा प्रबंधों में,अधिक सुधार करो !
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प्रभु पर जनता का,भरोसा उठने लगा है
रेल दुर्घटनाओं का,कीर्तिमान बनने लगा है !
रेल यात्राएं बड़े,खतरों से भरी हुई हैं
यात्रियों के सम्मुख,संकट की घड़ी है !
रेल्वे स्टाफ,अव्वल तो संख्या में कम
ऊपर से लापरवाही,दिखने लगी हर दम !
पुनश्च,
बुलेट ट्रेन फिलहाल,ख्वाब में चला करे
तकनीकी तैयारियां,पर्याप्त नहीं है !
गति से प्रथम सुरक्षा,अब हमारा ध्येय हो
समय रहते पहले,पुरानी पटरियां बदलो !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, August 19, 2017

अटल मंथन
जापानी तीर से,ड्रेगन घायल हुआ
दिमाग दुरुस्त हो जल्दी,कीजिये दुआ !
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डोकलाम चीन के,गले की हड्डी है
न थूकते बने,न निगल ही सके !
ढूंढ रहा रास्ता,बच निकलने का
पर अभिमान है,अपने सम्मान का !
पाक को गले लगाकर,एक और गल्ती की
नापाक आतंकी,हरकतें सीख लीं !
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डॉ श्याम अटल  

Friday, August 18, 2017

अटल मंथन
जमीन समंदर बन जाती
देखी न जाती तबाही !
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प्राकृतिक प्रकोप से,विध्वंस हो जाता है
पुनः निर्माण में बड़ा,वक्त लग जाता है !
अबकि बारिश में पुल,कईं जगह टूटे
जिनसे गुजरते लोग,उफनते पानी में डूबे !
कार की जलसमाधि भी,हृदय विदारक दृश्य थी
पुल पर पानी अधिक,तो पार करियेगा नहीं !
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डॉ श्याम अटल   

Thursday, August 17, 2017

अटल मंथन
दुनिया की आबादी,लगता घटकर रहेगी
विविध तरीकों से,जानें जाती रहेंगी !
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बार्सिलोना आया,आतंक की चपेट में
बेकसूर जानें गयीं,कईं घायल हो गए !
बिहार में सैलाब ने,तबाही मचा रखी
नेपाल से गंडक नदी,सीमाएं लांघ गई !
चीन को युद्ध का, जूनून चढ़ा है
विश्व की तबाही का,प्लान रचा है ?
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डॉ श्याम अटल 

Monday, August 14, 2017

अटल मंथन
दुश्मन के नापाक इरादे,कभी न पूरे होंगे
सबक सीख लिया देश ने,खाकर 62 के धोखे !
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आजादी के अवसर पर,आजादी को खतरा ?
चीन बदलता रहता रोज,बयानों का पैंतरा !
सीमा पर एक नहीं,दो दुश्मन तैनात हैं
भारत को युद्ध में हराना,मानो उनका ख़्वाब है !
हिन्दुस्तान के जांबाज,पर अग्निपरीक्षा दे चुके
ड्रेगन की नाक के नीचे,पाकी कैम्प तबाह किये !
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डॉ श्याम अटल 

Sunday, August 13, 2017

अटल मंथन
जीवन कहीं भी,सुरक्षित नहीं
खतरे मंडरा रहे,हर कहीं !
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भारी बारिश के चलते,जमीन पोली हो रही
आवागमन की राह पर,अड़चनें बढ़ीं !
हिमाचल में हाय वे पर,पहाड़ गिरे
सवारी बस यात्री,मौत के मुंह में गए !
बाढ़ ने भी कईं जगह,तांडव मचा रखा
इंद्र देव से प्रार्थना,जल संग दर्शाये दया !
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डॉ श्याम अटल 

Saturday, August 12, 2017

अटल मंथन
पी एम,सी एम पर,नजर रखे
तो देश भर में,खबर बने !
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ऑक्सीजन के अभाव में,मरीज कईं स्वर्ग सिधारे
योगीराज में गोरखपुर के,अस्त होते दिखे सितारे !
सरकार और अधिकारियों में,तालमेल का अभाव है
इसलिए चिकित्सा क्षेत्र में,उपजा दुष्प्रभाव ये !
एक दूसरे पर दोष मढ़कर,जिम्मेदारी से बचते दिखते
पर हादसे और भी होंगे,समय रहते यदि नहीं सीखते !
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डॉ श्याम अटल 

Friday, August 11, 2017

अटल मंथन
भूटान के अस्तित्व पर,खतरा मंडरा रहा
डोकलाम के नाम पर,ड्रेगन निगलना चाह रहा ?
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शक्ति प्रदर्शन के लिए,चीन बेचैन है
अहंकार करके,बेमौत मरेगा रे !
दुनिया जान चुकी,उसकी दुराचारी सोच
आदत के मुताबिक़,देता रोज धौंस !
गीदड़ भभकियों से,भारत नहीं डरने वाला
सेना के साथ साथ,ईश्वर हमारा रखवाला !
पुनश्च,
जन विस्फोट इतना कि,जमीन का टोटा पड़ता है
इसलिए बम विस्फोट से,पड़ौसियों से लड़ता है ?
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डॉ श्याम अटल  

Thursday, August 10, 2017

अटल मंथन
महंगाई बढ़ी,कमाई घटी
आर्थिक संकट,की घड़ी ?
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जी एस टी क्या होता है,लगने पर जाना
हर चीज का भाव हो गया,अब सवाया !
फोन के बिल जो पहले भरे,वे बढ़ चढ़कर आये
लगने लगा कईंयों के,इसने बजट बिगाड़े !
आमदनी अब पहले जैसी,किसी की ना रही
और प्रत्येक वस्तु की कीमत,बेतहाशा बढ़ी !
निष्कर्ष -
गरीब अमीर,दोनों पर भारी
जी एस टी की,सरकारी सवारी !
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डॉ श्याम अटल   

Wednesday, August 9, 2017

अटल मंथन
सत्यमेव जयते - देशवासी कहते !
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नाकेबंदी वोटों की,होते देखी
राज्यसभा की एक सीट,खोते देखी !
चुनाव हो कोई भी,प्रतिष्ठा लगती दाव पर
मिलते रहते हैं,छोटे-मोटे घाव पर !
विपक्ष बिना सरकार का,सौंदर्य नहीं
बातें विरोधियों की भी,हो सकती सही !
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, August 8, 2017

अटल मंथन
राम जन्म भूमि का,मान कीजिये
गिले शिकवे भूलकर,मंदिर दीजिये !
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लगता है अयोध्या विवाद,सुलझ जायेगा
राम मंदिर जल्दी ही,बनकर सामने आयेगा !
शिया वक्फ बोर्ड ने,'सुप्रीम' समर्थन दिया है
मस्जिद कहीं अन्यत्र बने,मान लिया है !
सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी,आगे आना चाहिये
राष्ट्र हित में ऐसा ही,समाधान सुझाना चाहिये !
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डॉ श्याम अटल

Monday, August 7, 2017

अटल मंथन
समूचा भारत,बाढ़ की चपेट में
पहाड़ी इलाके,दुखद लपेट में !
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पहले ही थोड़ी सी धरती,वह भी डूब जाती है
बाढ़ रहवासियों पर,खूब कहर ढाती है !
जीवन भर की जमापूंजी,पानी में बह जाती है
बहुमूल्य जिन्दगानियां भी,अपनी जान गंवाती है !
जल है तो जीवन है,पर अतिवृष्टि भी हानिकारक
समूचा देश झेल रहा है,सावन में बाढ़ का तांडव !
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डॉ श्याम अटल

Sunday, August 6, 2017

अटल मंथन
अमन-चैन के हम प्रहरी,आत्मघात का वह हिमायती
भारत विकास चाहता है,चीन विनाश ला रहा है !
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भारत शान्ति चाहता है,चीन जबकि युद्ध
सारा संसार है,इस दुष्ट से क्रुद्ध !
चीन का मुखौटा,उतर गया है
कुरूप रूप सामने,आ रहा है !
दुनिया को ड्रेगन,खा रहा है
भारत भूटान को,बचा रहा है !
भारत संसार को,स्वर्ग बना रहा
चीन नर्क का,जनक कहला रहा !
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डॉ श्याम अटल

Saturday, August 5, 2017

अटल मंथन
श्रावण में शिव जी को पूजें,भोले नाथ की जय !
एम पी वासी चाह रहे हैं,आपसे अभय !
               ( शिव स्तुति ! )
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'मन की बात' प्रभावी है,दिल से कहते हम
'शिव राज' को जानेंगे,अब देश में सब !
राज्य के संदर्भ में,संवाद स्वागत योग्य है
जनता से अनुरोध है,'दिल की बात' कहे !
सी एम मध्य प्रदेश के,अब सामने आये हैं
आशा है पी एम की तरह,वे भी छायेंगे !
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डॉ श्याम अटल  

Friday, August 4, 2017

अटल मंथन
देव दानव युद्ध में,दानव निश्चित हारेंगे
हमारे सैनिक चीनियों को ,चुनकर मारेंगे !
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चीन की चवन्नी बातें,हास्यास्पद लगती हैं
पहले घर संभाले,आर्थिक हालत पतली है !
भारी बारिश और बाढ़ से,जूझ ले बहुत है
दूसरों के यहां झांकना,बदनीयती का सबूत है !
पांच पांडव,सौ कौरव पर,ज्यूं भारी पड़े
ठीक वही पुनरावृत्ति,अबकि युद्ध में है !
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डॉ श्याम अटल 

Thursday, August 3, 2017

अटल मंथन
सुरक्षा परिषद में,वीटो पॉवर वापस हो
मतदान कराकर,बहुमत से निर्णय लो !
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सुरक्षा परिषद का तमाशा,रोज बनता है
चीन के आतंक के चलते,आतंकी वहां पलता है !
मसूद अजहर पर चीनी वीटो,निंदनीय कृत्य है
शेष चार महाशक्तियों का,असहाय नृत्य रे !
ऐसे में परिषद का कोई,औचित्य नजर नहीं आता है
वीटो का अधिकार तो छोड़ो,चीन को निकाला जाए !
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डॉ श्याम अटल 

Wednesday, August 2, 2017

अटल मंथन
तूफानी पारी,चल रही है
कईंयों की जान,निकल रही है !
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एक मुर्गी सोने का,अंडा रोज देती है
और उसे सताओ,तो दम तोड़ देती है !
कईं नेता जैसे तैसे,छाप बचा रहे
पर उनकी ही साख पर,खतरे मंडरा रहे !
जीना दूभर हो रहा,इसमें शक नहीं
अति करने का,किसी को भी हक़ नहीं !
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डॉ श्याम अटल 

Tuesday, August 1, 2017

अटल मंथन
अस्तित्व दलों का, खतरे में पड़ा ?
संकट उन पर,दिनों दिन बढ़ा !
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यू टर्न लेना,कठिन काम है
पर राजनीतिज्ञों के,लिये आसान है !
जहां लाभ दिखाई दे,वहां प्रवेश लीजिये
बदले में सत्ता का,सुख भोगिये !
हर दल को एक ही,चिंता सता रही
हस्ती उनकी,मिटाई जा रही ?
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डॉ श्याम अटल