अटल मंथन
समझ आती देर से,नुक्सान बहुत होता
समय के मान से,सौदा बड़ा खोटा !
(संदर्भ - हवाई प्रतिबंध ! )
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अकल से जो काम होए,अकड़ से नहीं
समझदार लोग,अहं पकड़ते नहीं !
हवा में उड़कर देखा,लक्ष्य न मिला
उल्टे जमीन पर,चलना पड़ गया !
माफी मांगने से,काम चल जाता
किन्तु अभिमानवश,व्यक्ति अड़ जाता !
संबंधों पर गांठ,जब पड़ जाती
तो पूर्ववत प्रेम,नहीं ला पाती !
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डॉ श्याम अटल
समझ आती देर से,नुक्सान बहुत होता
समय के मान से,सौदा बड़ा खोटा !
(संदर्भ - हवाई प्रतिबंध ! )
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अकल से जो काम होए,अकड़ से नहीं
समझदार लोग,अहं पकड़ते नहीं !
हवा में उड़कर देखा,लक्ष्य न मिला
उल्टे जमीन पर,चलना पड़ गया !
माफी मांगने से,काम चल जाता
किन्तु अभिमानवश,व्यक्ति अड़ जाता !
संबंधों पर गांठ,जब पड़ जाती
तो पूर्ववत प्रेम,नहीं ला पाती !
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डॉ श्याम अटल
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