अटल मंथन
पाकिस्तान पुनः,सिर उठा रहा है
आत्मघात की,राह पर जा रहा है !
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भारत मां के मस्तक पर,एक दुश्मन बैठा है
नेस्तनाबूत किये बिना,हमको न रहना है !
चीन की शह पर,उसका यह कहना है
उपद्रव मचाये बिना,उसको न रहना है !
तनातनी सीमा पर,भले ही न बढ़ी है
कश्मीर की जमीं पर,कईं जानें गयीं है !
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डॉ श्याम अटल
पाकिस्तान पुनः,सिर उठा रहा है
आत्मघात की,राह पर जा रहा है !
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भारत मां के मस्तक पर,एक दुश्मन बैठा है
नेस्तनाबूत किये बिना,हमको न रहना है !
चीन की शह पर,उसका यह कहना है
उपद्रव मचाये बिना,उसको न रहना है !
तनातनी सीमा पर,भले ही न बढ़ी है
कश्मीर की जमीं पर,कईं जानें गयीं है !
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डॉ श्याम अटल
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