अटल मंथन
राजनीति कितनी भी,तेजस्वी हो
एक दिन सूर्यास्त,होने दो !
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राजनीति व्यवसाय है,कुछ ऐसा अभिप्राय है
नोटबंदी से पहले,होता रहा प्रायः ये !
बदले की कार्यवाही,भले ही कहें इसे
पर फ्रेंड्स कॉलोनी के,घर में करोड़ों उलझे !
नेताओं का भ्र्ष्टाचार,उजागर होने लगा है
नारद केस में तृणमूल के,एक दर्जन दिग्गज उलझे !
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डॉ श्याम अटल
राजनीति कितनी भी,तेजस्वी हो
एक दिन सूर्यास्त,होने दो !
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राजनीति व्यवसाय है,कुछ ऐसा अभिप्राय है
नोटबंदी से पहले,होता रहा प्रायः ये !
बदले की कार्यवाही,भले ही कहें इसे
पर फ्रेंड्स कॉलोनी के,घर में करोड़ों उलझे !
नेताओं का भ्र्ष्टाचार,उजागर होने लगा है
नारद केस में तृणमूल के,एक दर्जन दिग्गज उलझे !
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डॉ श्याम अटल
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