Friday, March 24, 2017

अटल मंथन
गुस्सा अकल को खा जाता है
अकलमन्द बौरा जाता है
दखल भी काम नहीं आता है !
--------------------------------------------------------------------------
मानवीयता राजनीति से,दूर होती जा रही
आये दिन दुर्व्यवहार की,खबरें आ रहीं !
एक सांसद के उड़ने पर,रोक लगा दी गई
एयरलाइन्स फेडरेशन द्वारा,सख्ती बरती गई !
अहंकार जब बढ़ जाता,ईश्वर सहन नहीं करते
हो चाहे कोई नेता,योगक्षेम वहन न करते !
क्षमा चाहना बात गलत ना,मानव धर्म की यह पहचान
धैर्य का परिचय देना चाहिये,रखकर ह्रदय विशाल !
--------------------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल 

No comments:

Post a Comment