अटल मंथन
छोटे व्यापारी कहीं,सड़क छाप न हो जाएं ?
थोक व्यवसायी कहीं,सब मलाई हड़प न जाएं ?
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नयी नीतियों से,अफरातफरी का माहौल है
कईं कम्पनियों का समझो,अब डब्बा गोल है !
बड़ी मछलियां छोटी को,निगलने लगीं
छोटी आपस में जुड़कर,मैदान संभालेंगी ?
यू पी में दो दल मिलकर भी,जैसे न टिक सके
उद्योग जगत में इनका भी,भविष्य अधर में ?
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डॉ श्याम अटल
छोटे व्यापारी कहीं,सड़क छाप न हो जाएं ?
थोक व्यवसायी कहीं,सब मलाई हड़प न जाएं ?
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नयी नीतियों से,अफरातफरी का माहौल है
कईं कम्पनियों का समझो,अब डब्बा गोल है !
बड़ी मछलियां छोटी को,निगलने लगीं
छोटी आपस में जुड़कर,मैदान संभालेंगी ?
यू पी में दो दल मिलकर भी,जैसे न टिक सके
उद्योग जगत में इनका भी,भविष्य अधर में ?
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डॉ श्याम अटल
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