अटल मंथन
जिसे जब जंचे,तूफान मचा दे
आरक्षण के,अरमान जगा दे !
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आरक्षण हेतु ओ बी सी,बनने को तैयार 'वे'
आंदोलन के जरिये,एक बड़ा इश्तेहार है !
जिसकी लाठी उसकी भैंस,देखने में आ रहा
लोकतंत्र का विकृत चेहरा,रोज दिखाया जा रहा !
अनुशासनहीन,उच्छृंखल भीड़,बनने लगी जनता
विविध समाजों में बंटकर,खोने लगी राष्ट्र क्षमता !
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डॉ श्याम अटल
जिसे जब जंचे,तूफान मचा दे
आरक्षण के,अरमान जगा दे !
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आरक्षण हेतु ओ बी सी,बनने को तैयार 'वे'
आंदोलन के जरिये,एक बड़ा इश्तेहार है !
जिसकी लाठी उसकी भैंस,देखने में आ रहा
लोकतंत्र का विकृत चेहरा,रोज दिखाया जा रहा !
अनुशासनहीन,उच्छृंखल भीड़,बनने लगी जनता
विविध समाजों में बंटकर,खोने लगी राष्ट्र क्षमता !
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डॉ श्याम अटल
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