Friday, May 29, 2015

अटल मंथन
जो डर गया,सो मर गया
जो निडर बना,वह तर गया !
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संगठन में शक्ति है,तो सरकार भी घबराती है
चुपचाप वही करती है,जो जाति विशेष चाहती है !
न केवल रेल विभाग को,करोड़ों का फ़टका लगा
यात्रियों को असुविधाओं के,चलते भी झटका लगा !
और जातियां प्रेरित होंगी,आंदोलन कर हक़ मांगे
सोये हुए शेरों को कहेंगी,आरक्षण हेतु जागे !
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डॉ श्याम अटल

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