Tuesday, May 5, 2015

अटल मंथन
सलमान से हमें,सहानुभूति है
कल अदालत में,फैसले की घड़ी है !
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अदालत में केस हो तो,तनाव हो ही जाता है
सुखपूर्वक सोने में,खलल पड़ जाता है !
संजय को जेल में देखकर,दुर्भाग्य पर तरस आता है
कानून की नजर में,सबको समान देखा जाता है !
अदालत का फैसला,सदैव सर्वमान्य है
चाहे कोई कितना भी,बड़ा गणमान्य है !
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डॉ श्याम अटल

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