Monday, May 11, 2015

अटल मंथन
अदालत के जरिये,जब राजनीति की जाती है
तो सबूतों के अभाव में,बरी भी कराती है !
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राजनीति अदालत के,भरोसे भी चलती है
भ्रष्टाचार की पोल,बस वहीँ पर खुलती है !
किसी की भी गाड़ी,कहीं भी अटक जाए
यदि राजनीतिज्ञ नैतिक,आचरण से भटक जाए !
शुद्धिकरण हर हाल में,हो ही जाता है
भले ही दुर्भावना से,केस लगाया जाता है !
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डॉ श्याम अटल

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