Tuesday, September 5, 2017

अटल मंथन
चिंतनीय !
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दीवाली के पहले कईं,दीवाले निकलेंगे ?
लगता है निवेशकों के,पैसे और भी डूबेंगे !
एक की टोपी दूजे सिर पर,जिसने किया काम
होने लगे एक एक करके,सबके सब धड़ाम !
कोर्ट की इन पर जबसे,कसी गई लगाम
देने काबिल न- रहे,कईं तरह के लगान !
जिस दिन धन मिल जाए,समझे पाया इनाम
अभी तो सबके मन में चलता,संशय का संग्राम !
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डॉ श्याम अटल 

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