Saturday, September 16, 2017

अटल मंथन
सत्य कथाएं जरुरत से,ज्यादा उपलब्ध हैं
डेरे के सच्चे सौदों की,तहकीकात में !
-----------------------------------------------------------------
पहले काल्पनिक कथाएं,लिखी जाती थी
आज हकीकत में जीते हैं,जिंदगानी भी !
पहले टी वी सीरियल,फ़िल्में बनाना पड़ती थी
अब न्यूज चैनल में ही,कईं भांति देख लीजिये !
प्रसारण की दौड़ में,नित नए कथानक हैं
कीर्तिमान बन जाएं इतने,एपिसोड वाले !
----------------------------------------------------------------
डॉ श्याम अटल 

No comments:

Post a Comment